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गौरा के दुलारा – श्याम कुंवर भारती

 

गजानंद शिव संतान है गौरा के दुलारा।

प्रथम पूजा तेरी होती देते है सहारा।

गजानंद शिव संतान है………..।

 

लेकर सिर हाथी का तुम गजानंद है कहलाए।

शिव का वर पाकर प्रथम पूजा है तुम पाए।

मूषक सवारी तुमने पाई कर दो तुम उजियारा।

गजानंद शिव संतान है…………।

 

विघ्न विनाशक मंगलदायक श्रीगणेश तुम कहलाते।

कार्तिक भ्राता पार्वती है माता पिता महेश कहलाते।

ऋद्धि सिद्धि दो चंवर डुलाए करते शुभ लाभ हमारा।

गजानंद शिव संतान है………..।

 

बल बुद्धि के स्वामी तुम मोहिनी छवि तुम्हारी।

जबसे पड़े चरण तुम्हारे शुभ ही शुभ हुए जग सारी।

बिगड़े काम बनाए तुमने जब भी तुझको पुकारा।

गजानंद शिव संतान है …………..।

 

करो कल्याण तुम जग की सबके भाग्य जगाओ।

हर लो हर बाधा सबकी सब दुख दूर भगाओ ।

तेरी कृपा से सुनो गणपति चलता भारती का गुजारा।

गजानंद शिव संतान है गौरा के दुलारा।

– श्याम कुंवर भारती, बोकारो, झारखण्ड , मां.9955509286

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