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चिड़िया की उड़ान – डॉ. सत्यवान सौरभ

नन्ही चिड़िया, पंख पसारे,
खुले गगन में उड़ने को प्यारे।
सपनों की डोरी थामे चल दी,
आसमान की ऊँचाई को छूने निकली।
सूरज से बातें, बादलों से खेल,
हवा के झोंकों में अपनी कहानी बुन ले।
हर डाली पर नाचती, हर पंख से गाती,
नन्ही चिड़िया, हिम्मत की परिभाषा बताती।
गिरती, सँभलती, फिर उड़ जाती,
आँधियों से टकराकर भी मुस्कुराती।
छोटे पंख, पर बड़ा इरादा,
नन्ही चिड़िया का यही है वादा।
– डॉ. सत्यवान सौरभ. उब्बा भवन, आर्यनगर,
हिसार (हरियाणा)-127045




