मनोरंजन
तिरंगा – सुनील गुप्ता

( 1 )” ति “, तिलक है ये भारत माँ का
लहराता है उन्मुक्त होकर !
ये आन बान शान का प्रतीक.,
‘तिरंगा’, है श्रृंगार भारत का !!
( 2 )” रं “, रंग शोभा सौंदर्य ऐसा
कि, देखे जो देखता रह जाए !
इसके सम्मुख खड़े होकर..,
मन उत्साह उमंग जोश से भर जाए !!
( 3 )” गा “, गाए मन उमंगित होकर
जन मन गण सबको हर्षाए !
कश्मीर से कन्याकुमारी तक..,
ये एकता का प्रतीक बन आए !!
( 4 )” तिरंगा “, आजादी का मूल मंत्र
स्वतंत्रता का परम निशान !
है इसके मूल में ऐसा इत्र..,
जो जोड़े सबको, बनाए भारत को महान !!
– सुनील गुप्ता,जयपुर, राजस्थान |




