मनोरंजन
भोजपुरी चइता गीत – श्याम कुमार भारती

छुअत बा नाजुक बदनवा,
हे रामा बैरी पवनवा।
चुअत बा महुआ कोचनवा,
हे रामा चइत महिनवा।
मगन भईली धरती करेली सिंगार।
पिया परदेशी करी केकरा से प्यार।
जरत बा देहिया अगनवा ,
हे रामा चईत महिनवा।
लहरत खेतवा में गेहुंआ बलखाए।
गदरल मटरवा झूमीं इतराए।
डोलत अमवा कोइली गाए गनवा,
हे रामा चइत महिनवा।
पिया घरे नइखे करी केकरा पर सिंगार।
भोरे भिनसरवा लागेला बड़ा जाड़।
दुखत भारती पिया परनवा,
हे रामा चईत महिनवा।
-श्याम कुंवर भारती, बोकारो, झारखंड




