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भोजपुरी लोक गीत – श्याम कुंवर भारती

बंसिया के धुनवा ये हो कान्हा जबसे सुनवला हो।
ये हो कान्हा मुरलिया मोहले मन हमार,
पीरितीया के धुनवा बजइए न दिहला हो।
नेहिया लगवलू ये हो गोरी मनवा चोरवलू हो,
ये हो गोरी चान के रूपवा बा तोहार,
हीयवा में समईये न गइलू हो ।
गजरा में मोगरा ये हो कान्हा जबसे लगवल हो,
ये हो कान्हा रधिका भईली अब तोहार,
पीरीतिया के धुनवा बजइए…….।
मटकिया के दहिया ये हो राधा जबसे खिवलु हो,
ये हो राधा कन्हईया भइले अब तोहार,
हियवा में समईये न………।
बनवा में गइया ये हो कान्हा जब तू चरवला हो,
ये हो कान्हा बनवा में छाइल खूब बहार,
पीरितिया के धुनवा बजइए…….।
नजरिया नजरवलू ये हो राधा हमके भरमवलू हो,
ये हो राधा सुनर सूरतिया बा तोहार,
राधे राधे नाम बोलवई ये न दिहलु हो।
हियवा में समईये न गइलु हो।
– श्याम कुंवर भारती (राजभर)
बोकारो,झारखंड, मॉब.9955509286




