डॉ. सविता सिंह ‘मीरा’ को ‘हिंदी साहित्य सेवी सम्मान’ उनके साहित्यिक संघर्ष की परिणति – विनोद निराश

utkarshexpress.com पटना – हिंदी दिवस के अवसर पर बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन, पटना द्वारा आयोजित हिंदी दिवस के विशेष समारोह में जमशेदपुर की सुप्रसिद्ध वरिष्ठ कवयित्री डॉ. सविता सिंह ‘मीरा’ को “हिंदी साहित्य सेवी सम्मान, बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन पटना के अध्यक्ष डॉ अनिल सुलभ द्वारा” प्रदान किया गया।
सम्मेलन के अध्यक्ष अनिल सुलभ ने यह सम्मान डॉ. सविता सिंह ‘मीरा’ की लगातार अपनी प्रतिभा के कारण एवं हिंदी साहित्य को सविता सिंह के द्वारा नई ऊर्जा देने की वजह से दिया गया।
सनद रहे सविता सिंह को हाल ही में विद्या वाचस्पति सम्मान से भी अलंकृत किया गया था। इसके पूर्व उनके दो महत्वपूर्ण काव्य एवं गद्य संग्रह— ‘गुल्लक’ और ‘मन की कहानी’ जमशेदपुर के विशिष्ट तुलसी भवन के पवित्र प्रांगण में लोकार्पित हो चुके हैं।
पटना हिंदी साहित्य सम्मेलन कार्यक्रम में अनेक साहित्यकार, विद्वान एवं पाठक उपस्थित रहे और कवयित्री ‘सविता सिंह मीरा’ को इस उपलब्धि पर उनके साहित्यिक मित्रों सहित उन्हें हार्दिक बधाई दी।
इस अवसर पर उनकी रचनाओं को अनवरत नजदीक से पैनी नज़र के साथ तवज्जो देने वाले दूर दराज़ के उनके देहरादून (उत्तराखंड) के पत्रकार /कवि/ शायर/ लेखक विनोद निराश ने डॉ सविता सिंह को निरन्तर सम्मानित होने पर उर अंतस से हार्दिक शुभकामनाएं दी, साथ ही उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
बकौल विनोद निराश सविता सिंह मीरा बहुत ही खूबसूरत ख्यालात से लबरेज़ जिहनो-दिल के करीब बेइन्तेहा खूबसूरत कलमकारी करने वाली लेखिका है, उन्होंने एक बार नहीं कई बार अपनी रचनाओं से अपने चहेतो एवं नव रचनाधर्मियों का दिल जीता है। उन्होंने अपनी कविताई के माध्यम से अनेको प्रदेशों में बसे अपने साहित्यिक प्रेमियों को अपने करीब रखा है, यही असली कलमकार की दौलत होती है।



