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श्री गुरु – सुनील गुप्ता

( 1 ) श्री गुरु मिलें
जीवन दृष्टि खिले…,
सुमन झरें !!
( 2 ) श्री गुरु चलें
अपने साथ लिए…,
दिशा बदले !!
( 3 ) श्री गुरु करें
तप मौन साधना…,
जीवन सधे !!
( 4 ) श्री गुरु बोलें
हो ध्यानमग्न सुनें…,
मन उतारें !!
( 5 ) श्री गुरु बातें
हृदयंगम करें…,
सत्य स्वीकारें !!
– सुनील गुप्ता (सुनीलानंद), जयपुर, राजस्थान



