मनोरंजन

नये पंख – सुनील गुप्ता

 

नया पंख है, है नई परवाज़  !

नये जीवन का हो कैसा आग़ाज़ !!

 

भरी

नए पँखों संग हमने,

जीवन में नई परवाज़  !

चले छुए मन व्योम की…..,

अतल गहराइयों को नापते आज !!1!!

 

नए

सोच संग जीवन का,

हो रहा है यहाँ आग़ाज़  !

दूर नहीं मंज़िल अपनी है….,

उत्साह से लबरेज़ है अंदाज़ !!2!!

 

खिले

वहीं पर अपनी किस्मत,

जहां हो मन में अटूट विश्वास  !

चलें सकारात्मक सोच संग आगे बढ़ते..,

पूर्ण होए चलेगी,  हर एक आस  !!3!!

– सुनील गुप्ता (सुनीलानंद), जयपुर, राजस्थान

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button