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देश की माटी बोल उठी,
लहू में आज तिरंगा है,
हर दिल में बस भारत है,
हर साँस देश का गंगा है।

वीरों की गाथा गाती धरती,
माँ के आँचल में शान लिखी,
सीमा पर जागे जो सैनिक,
उनकी आँखों में जान लिखी।

हम बच्चे हैं उस भारत के,
जो सत्य, अहिंसा जानता है,
जो अन्याय से टकरा जाए,
इतिहास नया पहचानता है।

कलम हमारी तलवार बने,
ज्ञान बने हमारी ढाल,
मेहनत से ऊँचा नाम करें,
यही है भारत की चाल।

हाथों में हाथ, कदम से कदम,
एकता की पहचान रहें,
जाति-धर्म से ऊपर उठकर,
बस हिंदुस्तान महान रहें।

आओ मिलकर कसम ये खाएँ,
देश कभी न झुकने दें,
सपनों का ये स्वर्णिम भारत,
दुनिया में सबसे चमकने दें।

देश की माटी बोल उठी,
लहू में आज तिरंगा है,
हर दिल में बस भारत है,
हर साँस देश का गंगा है।
-रोहित आनंद,बांका, बिहारडी,. मेहरपुर

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