मनोरंजन

पेंशन नहीं, पराक्रम दो – प्रियंका सौरभ

 

नेताओं की मेवा बहुत हो गई,

अब सेवा की बारी है,

जो वादा करते सीमा पर जान देने का,

अब घर से शुरुआत जरूरी है।

 

बातें हैं बड़ी-बड़ी देशभक्ति की,

तिरंगा ओढ़कर मंच सजाते हैं,

पर उनके बच्चे एयर कंडीशनर में,

सेना के नाम से घबरा जाते हैं।

 

पेंशन? वो भी ज़िंदगीभर की?

किस हक से, किस मेहनत पर?

जो किसान की बेटियां बॉर्डर पर खड़ी हैं,

क्या उन्हें भी मिली इतनी शर्त?

 

जो बोले – “देश है पहले”,

उनका बेटा क्यों ‘विदेश’ में है?

क्यों ना उसके हाथ में भी रायफल हो,

वर्दी में गर्व का संदेश लिए हो?

 

नेताओं! अगर सच में देश प्यारा है,

तो बच्चों को युद्ध नीति सिखाओ,

केवल भाषण से कुछ न होगा,

अब एक मिसाल खुद बनाओ।

 

पेंशन नहीं, पराक्रम दो,

राजनीति नहीं, समर्पण दो,

जनता को मूर्ख समझना बंद करो,

अब खुद को भी कुछ उत्तरदायित्व दो।

प्रियंका सौरभ ,333, परी वाटिका, कौशल्या भवन,

बड़वा (सिवानी) भिवानी, हरियाणा

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button