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झारखंड साहित्य अकादमी संघर्ष समिति द्वारा सविता सिंह मीरा को ‘भाषा मित्र सम्मान–2026 से किया सम्मानित

utkarshexpress,com जमशेदपुर – जमशेदपुर 26 अक्टूबर 2026। साहित्य के प्रति निरंतर समर्पण और बहुआयामी लेखन के लिए जमशेदपुर की साहित्य-साधिका सविता सिंह मीरा को झारखंड साहित्य अकादमी स्थापना संघर्ष समिति द्वारा प्रतिष्ठित ‘भाषा मित्र सम्मान–2026’ से सम्मानित किया गया। 25 अक्टूबर को धनबाद स्थित बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा केंद्र में आयोजित भव्य समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया।
झारखंड साहित्य अकादमी स्थापना संघर्ष समिति एवं खोरठा पत्रिका ‘साहित्य’ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस समारोह की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष श्री शिरोमणि महतो ने की। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राम कुमार सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह में साहित्य और भाषा-संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले साहित्यकारों को सम्मानित किया गया।
हिंदी साहित्य, क्षेत्रीय एवं जनजातीय भाषाओं तथा कला-संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से आयोजित स्मृति सम्मान समारोह की यह पाँचवीं कड़ी थी। सविता सिंह मीरा को उनके साहित्यिक समर्पण, उत्कृष्ट लेखन तथा विभिन्न साहित्यिक विधाओं में निरंतर सृजन के लिए इस सम्मान से नवाजा गया।
सविता सिंह मीरा हिंदी एवं भोजपुरी में साहित्य-सृजन करती हैं। गीत, ग़ज़ल, छंदबद्ध रचनाओं, दोहों, मुक्तकों और मुक्तछंद कविता सहित विभिन्न विधाओं में उनका लेखन विस्तृत है। उनकी रचनाओं में जीवन के विविध अनुभवों, मानवीय संवेदनाओं, सामाजिक सरोकारों, रिश्तों और प्रकृति के विविध रूपों की अभिव्यक्ति मिलती है। उनकी रचनाएँ देश की सौ से अधिक पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं। उनकी दो पुस्तकें प्रकाशित हैं, जबकि तीसरी एवं चौथी पुस्तक प्रकाशनाधीन हैं।
सम्मान ग्रहण करने के उपरांत सविता सिंह मीरा ने आयोजक मंडल, निर्णायक मंडल तथा समिति के अध्यक्ष श्री शिरोमणि महतो के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि धनबाद में इतने भव्य एवं गरिमामय समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति की उपस्थिति में सम्मान ग्रहण करना उनके लिए अत्यंत गौरवपूर्ण, भावुक और अविस्मरणीय अनुभव रहा। यह सम्मान उनकी साहित्यिक साधना को नई ऊर्जा देने के साथ-साथ लेखन के प्रति उनके उत्तरदायित्व और समर्पण को और अधिक दृढ़ करता है।
उन्होंने इस अवसर पर सम्मानित सभी 15 साहित्यकारों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए आशा व्यक्त की कि उनकी लेखनी हिंदी साहित्य, क्षेत्रीय एवं जनजातीय भाषाओं तथा लोकसंस्कृति को समृद्ध करने में निरंतर योगदान देती रहेगी।
झारखंड साहित्य अकादमी स्थापना संघर्ष समिति का यह आयोजन साहित्यकारों को प्रोत्साहित करने तथा भाषाई और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। जमशेदपुर की साहित्यिक प्रतिभा को धनबाद में इस प्रतिष्ठित सम्मान से सम्मानित किया जाना निश्चय ही पूरे जमशेदपुर शहर और जमशेदपुर वासियों के लिए गौरव का क्षण है। यह उपलब्धि न केवल सविता सिंह मीरा की साहित्य-साधना का सम्मान है, बल्कि शहर की समृद्ध साहित्यिक चेतना और सृजनशील परंपरा का भी सम्मान है। निश्चित रूप से यह सम्मान जमशेदपुर के साहित्यिक जगत के लिए गर्व और प्रसन्नता का विषय है।
– सविता सिंह मीरा, जमशेदपुर, जमशेदपुर

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