राजनीतिक

मैहर वार्ड 1 में प्रशासन की मनमानी? मां शारदा लोक परियोजना पर जनप्रतिनिधियों की अनदेखी से बढ़ा आक्रोश

utkarshexpress,com मैहर। मां शारदा देवी की पवित्र नगरी मैहर इन दिनों एक बार फिर प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा में है। खासतौर पर वार्ड क्रमांक 1, जो कि मेला क्षेत्र होने के साथ-साथ नगर का सबसे अधिक जनसंख्या वाला वार्ड भी है, वहां के जनप्रतिनिधियों की अनदेखी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
वार्ड 1 की पार्षद एवं नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती गीता संतोष सोनी, जो पूरे नगर के 24 वार्डों का नेतृत्व करती हैं, ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि मां शारदा लोक जैसी महत्वपूर्ण परियोजना से संबंधित अहम बैठक में उन्हें आमंत्रित तक नहीं किया गया।
यह वही परियोजना है, जो मैहर की धार्मिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाई देने जा रही है। बावजूद इसके, स्थानीय जनप्रतिनिधियों को दरकिनार करना प्रशासन की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगाता है।
अध्यक्ष का कहना है कि— “मेरे ही वार्ड में इतनी बड़ी परियोजना पर कार्य हो रहा है और मुझे ही जानकारी नहीं दी जा रही, यह सीधी-सीधी मनमानी और तानाशाही है। कोई भी सरकारी परियोजना केवल प्रशासन की बपौती नहीं है, उसमें जनता और उनके चुने हुए प्रतिनिधियों की भागीदारी अनिवार्य है।”
उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इसी तरह जनप्रतिनिधियों की अनदेखी होती रही, तो यह मामला जनआंदोलन का रूप ले सकता है।
इसके अलावा, क्षेत्र में रात के समय गरीबों के रोजगार पर कार्रवाई को लेकर भी नाराजगी सामने आई है। आरोप है कि प्रशासनिक कार्रवाई से कई लोगों की रोजी-रोटी पर असर पड़ा है, जिससे वे आर्थिक संकट के कगार पर पहुंच गए हैं।
अब बड़ा सवाल यह है कि— क्या विकास कार्यों के नाम पर जनप्रतिनिधियों की अनदेखी उचित है? या फिर यह प्रशासनिक तानाशाही का संकेत है?
मैहर की जनता अब जवाब चाहती है।

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