सिमराही बाजार में धूमधाम से मना विजयादशमी पर्व, 51 फीट के रावण का हुआ दहन

utkarshexpress.com सुपौल ( डॉ अनमोल कुमार)। ब्रह्माकुमारीज के ओम शांति भवन में शुभकामना आदान-प्रदान, चैतन्य झांकियों की पूजा-अर्चना के साथ दिया आंतरिक बुराइयों को मिटाने का संदेश दिया गया।
विजयादशमी के पावन अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, सिमराही बाजार के ओम शांति भवन में शुभकामना आदान-प्रदान समारोह का आयोजन हर्षोल्लास एवं आध्यात्मिक वातावरण में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्थानीय सेवा केंद्र प्रभारी राजयोगिनी बबिता दीदी ने की। मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं वरिष्ठ व्यवसायी सचिन मधोकरिया तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त डीआईजी एवं वरिष्ठ समाजसेवी ब्रिगेडियर प्रणब जायसवाल उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों एवं ब्रह्माकुमारी बहनों द्वारा सामूहिक कैंडल लाइटिंग कर किया गया। इस अवसर पर मां दुर्गा की चैतन्य झांकी के साथ भगवान श्रीराम, लक्ष्मण एवं हनुमान जी की झांकियों की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद ब्रह्माकुमारी बहनों का सम्मानपूर्वक अभिनंदन किया गया। अतिथियों को ईश्वरीय स्मृति-चिह्न एवं सौगात भेंटकर सम्मानित किया गया।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सचिन मधोगरिया एवं विशिष्ट अतिथि ब्रिगेडियर प्रणब जायसवाल ने नगरवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने दशहरा को असत्य पर सत्य, अधर्म पर धर्म तथा बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक बताते हुए इसके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
अध्यक्षीय संबोधन में राजयोगिनी बबिता दीदी ने सभी को विजयादशमी की मंगलमय शुभकामनाएं एवं आशीर्वचन देते हुए कहा कि दशहरा केवल बाहरी रावण के दहन का पर्व नहीं, बल्कि अपने भीतर छिपे क्रोध, अहंकार, लोभ, मोह, ईर्ष्या और नकारात्मक विचारों को समाप्त करने की प्रेरणा भी देता है। जब मनुष्य अपनी आंतरिक बुराइयों पर विजय प्राप्त करता है, तभी सच्चे अर्थों में रामराज्य और सुख-शांति की स्थापना संभव होती है।
कार्यक्रम का कुशल संचालन ब्रह्माकुमार किशोर भाई ने किया। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी रेनू बहन, पूजा बहन, बीना बहन सहित नगर के अनेक गणमान्य नागरिक, वरिष्ठ व्यवसायी, समाजसेवी एवं अन्य विशिष्टजन उपस्थित रहे।
समारोह के उपरांत मां दुर्गा की चैतन्य झांकी एवं अन्य धार्मिक झांकियों के साथ नगर परिक्रमा निकाली गई। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद ग्रहण किया। नगर परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। इसके बाद सिमराही वार्ड नंबर 3 स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में लगभग 51 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। इस भव्य आयोजन को देखने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु एवं नगरवासी उमड़ पड़े।
पूरे आयोजन ने धार्मिक आस्था, आध्यात्मिक जागृति और सामाजिक एकता का संदेश दिया। ब्रह्माकुमारीज की ओर से सभी नगरवासियों के लिए सुख, शांति, समृद्धि एवं सद्भाव की मंगलकामना की गई।
संदेश: विजयादशमी हमें प्रेरणा देती है कि रावण के पुतले के साथ-साथ हम अपने भीतर की बुराइयों का भी दहन करें और सत्य, प्रेम, पवित्रता, सद्भाव एवं मानवता को जीवन में अपनाकर एक श्रेष्ठ समाज के निर्माण में योगदान दें।




