आई. यू. ट्रस्ट के तत्वावधान में ‘श्रीराम इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी’ की ऐतिहासिक घोषणा

utkarshexpress.com अयोध्या :- अयोध्या की पावन धरा धर्मनगरी के सिविल लाइंस में स्थित प्रेस क्लब में ‘श्रीराम अंतर्राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव’ का पांचवा सफल संस्करण (स्थापना रामनवमी 2022) के मुख्य अतिथि हरिश श्रीवास्तव (भाजपा किसान मोर्चा क्षेत्रीय महामंत्री), कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. राम रतन श्रीवास “राधे राधे” बिलासपुर छत्तीसगढ़ (ब्रांड एंबेसडर- पशुपतिनाथ भारत नेपाल अंतर्राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव काठमांडू नेपाल), नरेश बहादुर सिंदे, ताराचन्द्र ‘तन्हा’, डॉ. ललीत सिंह ठाकुर (पार्श्व गायक भाटापारा छत्तीसगढ़) के गरिमापूर्ण उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस अवसर पर देश- दुनिया के साहित्यकारों की उपस्थिति और कार्यक्रम के दौरान डॉ. सुरेश प्रियदर्शी की अनुपस्थिति में विश्वविद्यालय की आधिकारिक उद्घोषणा डॉ. राम रतन श्रीवास “राधे राधे” द्वारा ‘श्रीराम इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी’ और ‘श्रीराम गुरुकुलम्’ की एक युगांतरकारी घोषणा की गई। इस घोषणा के साथ ही यहांँ जय श्री राम से सभागार कक्ष में गूँजी उठी। ‘रामराज्य’ की गूँज से साहित्य और सुशासन का संगम देखने को मिला। इसके मुख्य सूत्रधार अंतरराष्ट्रीय कवि एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारी डॉ. सुरेश प्रियदर्शी हैं उनका कहना है कि ऐसे महोत्सव होते रहना चाहिए। डॉ. “राधे राधे” ने कहा कि डॉ. सुरेश प्रियदर्शी का उद्देश्य है कि विश्वविद्यालय वैश्विक स्तर पर ‘रामराज्य’ के सिद्धांतों न्याय, करुणा और सुशासन के आधार पर एक ‘बेहतर सभ्यता’ के निर्माण का केंद्र बनेगा। यह संस्थान दिनेश्वर वर्मा के मार्गदर्शन और स्वर्गीय सावित्री देवी की पावन स्मृति व प्रेरणा से आकार ले रहा है। श्रीराम गुरुकुलम् परंपरा और आधुनिकता का सेतु महोत्सव में चर्चा की गई कि विश्वविद्यालय परिसर के भीतर ही ‘श्रीराम गुरुकुलम्’ संचालित होगा। यह संस्थान प्राचीन भारतीय ऋषि-परंपरा, वेदों और उपनिषदों विज्ञान के ज्ञान को आधुनिक विज्ञान और तकनीक के साथ जोड़कर ऐसे वैश्विक नागरिक तैयार करेगा जो विश्व शांति, धर्म प्रचार और समग्र विकास के संवाहक बनेंगे। दिग्गज साहित्यकारों की गरिमामयी उपस्थिति में कार्यक्रम प्रभारी दुर्गेश पांडेय के संयोजन में आयोजित साहित्यिक कार्यक्रम किया गया। श्री राम अंतर्राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव में शामिल रहे और शानदार कविताओं की बौछार हुई। सभी साहित्यकारों को श्रीराम सम्मान से सम्मानित किया गया। इसमें प्रतिभाग करने वाले बिहार से: डॉ. श्वेता शरण (सहरसा) , अनुपमा, डॉ. किरण कुमारी (भागलपुर), डॉ. रंजीत कुमार दिनकर (पूर्वी चम्पारण), डॉ. प्रितम कुमार झा (वैशाली), डॉ. प्रतिभा स्मृति व रीतु प्रज्ञा (दरभंगा), डॉ. प्रभा कुमारी (बेगूसराय), रंजना कुमारी (समस्तीपुर) , कार्तिका सिंह, ब्रजमोहन, अन्य राज्यों से विजय डांगे (महाराष्ट्र), पूनम “भू” ‘पूनम’ (राजस्थान), आत्म प्रकाश कुमार (गुजरात), रेनू माथुर (जोधपुर), डॉ. सी.एल. दीवाना (मध्य प्रदेश), रतन सिंह सोलंकी (हरदा), ज्योति वर्णवाल (नवादा) ,मोहम्मद हुसैन। उत्तर प्रदेश से: अमलेश राज ‘बोधों’ (आजमगढ़), डॉ माया सिंह माया’ (उराई उप्र), निष्ठा, डॉ सुनीता श्रीवास्तव (सुल्तानपुर) आनंद मोहन, इत्यादि सहित डॉ. रविन्द्र कुमार प्रसिद्ध जादूगर ने चमत्कारिक जादू दिखाकर मनोरंजन में चार चांद लगा दिया। इसके अतिरिक्त, देश-विदेश से बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी ऑनलाइन माध्यम से इस ऐतिहासिक घोषणा के साक्षी बने। भविष्य की रूपरेखा महोत्सव के अंत में संकल्प लिया गया कि यह विश्वविद्यालय अयोध्या को पुन: ‘विश्वगुरु’ के रूप में स्थापित करेगा। यहाँ के छात्र न केवल शिक्षित होंगे, बल्कि वे संसार में जय जवान जय किसान जय विज्ञान के साथ साथ शांति और मानवीय मूल्यों के दूत बनकर उभरेंगे।




