धर्म
हमारे पितर – सुनील गुप्ता

( 1 ) हैं हमारे पितर
श्रद्धा भाव के भूखे..,
सदा करें उनकी कदर !!
( 2 ) पितर ऋण से
मिले हमें मुक्ति..,
पिण्ड दान धर्म कर !!
( 3 ) उन्हें स्मृत कर
श्रद्धा संग पूजें..,
चलें बतलाए पथ पर !!
( 4 ) आते हैं पितर
देखने हमारी खुशियाली..,
देने हमें आशीष भर-भर !!
( 5 ) करें सभी श्राद्धकर्म
पवित्र मनोभाव से..,
बढ़े धर्म पुण्य यहाँपर !!
( 6 ) हैं हमारे पितर
अदृश्य सहायक हमारे..,
प्रगति विकास में सहचर !!
– सुनील गुप्ता जयपुर, राजस्थान |




