हिंदी – डॉ.रेखा मित्तल

हांँ यह सच है
हम हिंदी बोलते हैं
गर्व है हमें अपनी मातृभाषा पर
अपने मन की बात कह पाते हैं
जो दिल से महसूस करते हैं
उसे शब्दों में बयांँ कर पाते हैं
हांँ यह सच है
हम हिंदी बोलते हैं
नहीं चाहिए बंधन हमें,पर-भाषा का
विदेशी भाषा की गुलामी स्वीकार नहीं
निवासी हम आजाद प्रदेश के
हिंदी का अपमान स्वीकार नहीं
हाँ यह सच है
हम हिंदी बोलते हैं
माँ के आँचल की छाया में
हमने जो सीखी है भाषा
करती हूँ तन मन से वंदन
जन गण मन की अभिलाषा
हाँ यह सच है
हम हिंदी बोलते हैं
हिंदी ह्रदय की भाषा है
सोचते हैं जिस भाषा में
उसी में प्रकट विचार करें हम
अपनी हिंदी पर अभिमान करें हम
हाँ यह सच है
हम हिंदी बोलते हैं
नहीं आँकना कभी कमजोर हमें
योग्यता का मापदंड भाषा नहीं
सभी देश करते हैं मान
अपनी भाषा का करते हैं सम्मान
हांँ यह सच है
हम हिंदी बोलते हैं
खुशबू है हिंदी में हमारे पूर्वजों की
हमारी सभ्यता और संस्कृति की
निज भाषा निज गौरव का अभिमान है
हमें भी अपनी मातृभाषा पर मान है
– डॉ.रेखा मित्तल, चंडीगढ़



