आराधिका साहित्यिक मंच की 50 वीं काव्य गोष्ठी संपन्न

utkarshexpress.com – आराधिका साहित्यिक मंच (पंजी.) के तत्वावधान में 11 अक्टबर’ 2025 को 50 वीं ‘दीपावली’ विषयक भव्य आभासी काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। जो 4:00 बजे से रात्रि लगभग 07: 30 बजे तक निरंतर गतिमान रहकर भव्यता के साथ संपन्न हुई।
काव्यगोष्ठी का शुभारंभ वरिष्ठ कवि प्रमोद राणा (हापुड़) की वाणी वंदना से हुआ। तत्पश्चात संस्थापिका डा. निधी बोथरा जैन द्वारा गोष्ठी का शुभारंभ हुआ, अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि मंच की पचासवीं गोष्ठी महज एक पड़ाव है और हमें आप सभी के सहयोग से और आगे तक ले जाने का सतत प्रयास जारी रखना है। तत्पश्चात मंच उद्बोधन प्रस्तुत करते हुए महासचिव सुधीर श्रीवास्तव ने मानद संरक्षिका स्व. सरोज गर्ग ‘सरू’ को याद करते हुए उनकी स्मृतियों को जीवंत करते हुए मंच परिवार की ओर से नमन किया। स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए मंच उपाध्यक्ष डा. ओम ऋषि भारद्वाज ने सभी पदाधिकारियों और मंच के सभी सदस्यों के सहयोग, शुभेच्छा और संयुक्त प्रयासों की सराहना के साथ शुभकामनाएं दी।मंच सलाहकार डा. अनीता बाजपाई ने उपस्थित कवियों कवयित्रियों का अभिनन्दन करते हुए दीपावली के परिप्रेक्ष्य में अपने विचार एवं आयोजन की महत्ता को रेखांकित करते हुए सभी का स्वागत अभिनंदन कर बधाइयां शुभकामना दी।
तत्पश्चात् काव्य पाठ का सिलसिला शुरू हुआ। लगभग 42 कवियों कवयित्रियों ने रोशनी के महापर्व दीपावली की पृष्ठभूमि में अपनी मनमोहक, उल्लासपूर्ण, प्रेरक प्रस्तुतियों से काव्य गोष्ठी को ऊँचाइयों तक पहुंचाया।डा. निधी बोथरा जैन, सुधीर श्रीवास्तव, डा. ओम ऋषि भारद्वाज और डा. अनीता बाजपाई ने कुशल मंच संचालन के द्वारा काव्यगोष्ठी को ऊँचाइयाँ प्रदान की।
मंच महासचिव यमराज मित्र सुधीर श्रीवास्तव के चतुर्थ काव्य संग्रह ‘जिंदगी है … कट ही जायेगी’ के प्रकाशन पर मंच के पदाधिकारियों, कवियों कवयित्रियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बधाइयां शुभकामनाएं दी।
आयोजन को सफल बनाने में मंच के पदाधिकारियों / वरिष्ठ कवियों कवयित्रियों का सराहनीय योगदान रहा। सभी पदाधिकारियों और शुभचिंतकों की सक्रिय, गरिमामयी उपस्थिति से आयोजन को सफल बनाने में सफलता प्राप्त हुई।
और अंत में डा. अनीता बाजपाई ने अतिथियों, साहित्यकारों का आभार ज्ञापित किया । जबकि प्रणय साहित्यिक दर्पण के संस्थापक इंजी. प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव ‘प्रणय’ ने भव्य काव्य गोष्ठी के विराम की घोषणा की।




