गीत – जसवीर सिंह हलधर

मोल सैनिक कभी जान पाये नहीं , फ़ौज के नाम पर लग रहा है दड़ा ।
जीत कर युद्ध भी हम झुके हैं सदा ,प्रश्न है ये बड़ा प्रश्न है ये बड़ा ?
कारगिल युद्ध में जीत कैसी हुई ,कौन कहता है ये युद्ध जीते हैं हम ।
पांच सौ से अधिक वीर खोके वहां ,जीत के नाम पर खून पीते हैं हम ।
मात्र कब्ज़ा हटाया गया पाक का ,आज भी शत्रु बंदूक ताने खड़ा ।।
प्रश्न है ये बड़ा प्रश्न है ये बड़ा ? ।।1
जीत हमको कभी रास आयी नहीं ,फौज़ आगे बढ़ी बीच से मोड़ दी ।
लाख सैनिक बिना शर्त के छोड़ के,आश कश्मीर की बीच में तोड़ दी ।
संधि शिमला निर्रथक हुई हिंद की ,खर्च कर युद्ध में इक बड़ा रोकड़ा ।।
प्रश्न है ये बड़ा प्रश्न है ये बड़ा ?।।2
खून गलवान में जो बहा के गए ,चीन का खून पानी बना के गए ।
भारती के लिए प्राण दे के गए , हिंद का ताज सर पे सजा के गए ।
छूट हथियार की पास होती अगर ,पास आता सही जीत का आंकड़ा ।।
प्रश्न है ये बड़ा प्रश्न है ये बड़ा ?।।3
क्या किसी राजनेता के बेटे कभी , फ़ौज भर्ती हुए औ फ़ना हो गए ।
पूत “हलधर” लड़े देश के काम से ,लाम में खो गए लेह में सो गए ।
फौज़ पेंसन कटौती कचौटे मुझे,केंद्र सरकार ने भाग्य ताला जड़ा ।।
प्रश्न है ये बड़ा प्रश्न है ये बड़ा ?।।4
– जसवीर सिंह हलधर, देहरादून



