गुरु पूर्णिमा पर रूड़की जीवन दीप आश्रम में आयोजित हुआ भव्य कवि सम्मेलन

utkarshexpress.com रुड़की- गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर नगर स्थित जीवन दीप आश्रम में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन अत्यंत भव्य, गरिमामयी एवं स्मरणीय रहा। देश भर से पधारे प्रतिष्ठित कवि एवं कवयित्रियों ने अपनी ओजस्वी वाणी और भावपूर्ण रचनाओं के माध्यम से मंच को सरस तथा श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ कवयित्री कविता बिष्ट ‘नेह’ द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ, जिसकी माधुर्य और साहित्यिक गरिमा ने संपूर्ण वातावरण को आध्यात्मिक दिव्यता से आलोकित कर दिया।
मंच संचालन का दायित्व प्रसिद्ध वरिष्ठ साहित्यकार आदरणीय किसलय क्रांतिकारी ने अत्यंत कुशलता, ऊर्जा एवं प्रभावी अभिव्यक्ति के साथ निर्वाह किया।
महामंडलेश्वर स्वामी यतिगिरिनंद गिरि महाराज की पावन उपस्थिति एवं आशीर्वाद में यह आयोजन संपन्न हुआ, जिन्होंने अपने प्रेरक विचारों से उपस्थित जनसमुदाय को गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व से अवगत कराया। आपने अपना पूरा समय कवि सम्मेलन को दिया आपका भरपूर स्नेहाशीष प्राप्त हुआ ।
सम्मेलन में प्रिय भारती मिश्रा का स्नेहिल सान्निध्य अत्यंत हृदयस्पर्शी रहा।
आदरणीय गौरव विवेक एवं आदरणीय सुरजीत भैया की पावन उपस्थिति और सक्रिय सहयोग ने आयोजन को सफलता की ऊँचाइयों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोनों ही साहित्य-साधक सदैव काव्यसेवा में निरंतर संलग्न रहते हैं।आप दोनों कीं साधना नमन करती हूँ ।
कार्यक्रम में नगर एवं समीपवर्ती क्षेत्रों से बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी, श्रद्धालु एवं श्रोता उपस्थित रहे।
गुरु की महत्ता, भारतीय संस्कृति, समाज, तथा समर्पण जैसे विषयों पर केंद्रित रचनाओं ने सभी को गहराई से प्रभावित किया।
यह आयोजन गुरु पूर्णिमा की भावना, भारतीय सांस्कृतिक परंपरा एवं साहित्यिक गरिमा का एक अनुपम संगम बनकर उभरा यह साहित्य-जगत के लिए प्रेरणादायक सिद्ध हुआ।
सभी वरिष्ठ एवं युवा कवियों को इस भव्य आयोजन की सफलता हेतु हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएँ। आयोजक मंडल के समर्पण और अनुशासन ने इस सम्मेलन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।
-कविता बिष्ट ‘नेह, देहरादून , उत्तराखंड ’




