धर्म
चइत नवरातन – श्याम कुमार भारती

शेरवा सवरिया पर लेके माई तलवरिया,
तोहरे के पुजेला हो संसार,
दुर्गा माई आवा ना हो दुआर।
चईत नवरातन लेके पनवा सुपरिया,
ले ला माई नेवता इहे बा हमरो अरजिया।
बलका अबोध के सुना माई हो पुकार,
दुर्गा माई आवा ना हो दुआर।
सोनवा के घईला में कलसा बइठवली।
नव ग्रह सोरह माता योगिनी चौंसठ मनसा सुनवली।
महिमा माई तोहरो बाड़े हो अपरंपार ,
दुर्गा माई आवा ना हो दुआर।
लबंग इलायची नारियार केरा भोगवा लगवली।
सोनवा के थरिया रुइया दिया घीयवा जरवली।
करा शांत मचल दुनिया में हो हाहाकार।
दुर्गा माई आवा ना हो दुआर।
तेल गैस धरतिया में सगरो अगिया बा लगल।
बम गोला मिसाइल लेके देशवन में ररिया बा मचल।
कइसे बची दुनिया माई करा हो बेड़ापार ।
दुर्गा माई आवा ना हो दुआर।
-श्याम कुंवर भारती ( राजभर )
बोकारो, झारखंड , मॉब.9955509286



