उत्तराखण्ड

जीवन्ती देवभूमि साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था’ ने आयोजित की काव्य संध्या

utkarshexpress.com देहरादून – ‘जीवन्ती देवभूमि साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था’ के तत्वावधान में दिनांक 27 जून 2025 (शुक्रवार) को संस्था के प्रेरक दिलीप सिंह बिष्ट के जन्मोत्सव के पावन अवसर पर एक भव्य काव्य संध्या का आयोजन इंजीनियर्स एनक्लेव, जी.एम.एस रोड, देहरादून में हर्षोल्लास एवं गरिमापूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था की संरक्षिका आदरणीय डॉ. विद्युत प्रभा चतुर्वेदी ‘मंजू’ ने किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार असीम शुक्ल रहे।
विशिष्ट अतिथियों के रूप में –
डॉ. राम विनय सिंह , श्रीमती डॉली डबराल , शिव मोहन सिंह , के.डी. शर्मा, जनाब अंबर खरबंदा, श्रीकांत श्री, तथा कुमार विजय द्रोणी (कमिश्नर, जी.एस.टी.) की सादर उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ –
माँ वीणावाद… कार्यक्रम का शुभारंभ माँ वीणावादिनी सरस्वती वंदना संस्था की अध्यक्ष श्रीमती कविता बिष्ट ‘नेह’ ने कर्णप्रिय स्वर में प्रस्तुत किया।
डॉ. भारती मिश्रा ने सधे हुए शब्दों एवं ओजस्वी वाणी से मंच का सारस्वत संचालन किया।
काव्य संध्या का सौंदर्य यादगार रहा।
इस अवसर पर मंच से उठे निर्मल उद्गारों, काव्य की मधुर गूँज और नेह-संवाद की स्वर-तरंगों ने सभा को भाव-विभोर कर दिया। कर्तल-ध्वनि और साहित्यिक समर्पण ने आयोजन को अभूतपूर्व गरिमा प्रदान की।
काव्य पाठ में भाग लेने वाले प्रमुख रचनाकारों में –
डॉ. विद्युत प्रभा ‘मंजू’, असीम शुक्ल, डॉ. राम विनय सिंह, श्रीमती डॉली डबराल, जनाब अंबर खरबंदा, कुमार विजय द्रोणी, शिव मोहन सिंह, जनाब शादाब मशहदी, जसवीर ‘हलधर’, सत्यप्रकाश, लक्ष्मी प्रसाद बडोनी ‘दर्द गढ़वाली’, सतेंद्र शर्मा, श्रीमती महिमा श्री, डॉ.भारती मिश्रा, सतेंद्र शर्मा तरंग , संजय प्रधान , श्रीमती रेखा जोशी, स्वाति मौली ,दिनेश रावत, श्रीमती जया रावत, रुद्र रावत, अनेक कवि-कवयित्रियां एवं रसिक श्रोतागण शामिल रहे।
इस शुभ अवसर पर संस्था की अध्यक्ष कविता बिष्ट ‘नेह’ ने भावभीनी स्वर में प्रेम गीत प्रस्तुत किया “तुम प्रेम के सागर पिया, मैं उर बसी मधुमास हूँ…” सभी कवि कवयित्रियों ने भाव पूर्ण सुंदर प्रस्तुति देकर सभी का दिल जीत लिया एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियो ने सुहानी शाम को यादगार बना दिया। सुन्दर साहित्यिक प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को रस-विभोर कर दिया।
आशीर्वचन एवं समापन –
हृदयांगन संस्था के संस्थापक एवं महासचिव डॉ. विधुभूषण त्रिवेदी ने वीडियो संदेश के माध्यम से सभी को आशीर्वाद प्रदान किया तथा आयोजन की सराहना करते हुए डॉ. विद्युत प्रभा ‘मंजू’ एवं कविता बिष्ट ‘नेह’ को इस गरिमामय आयोजन के लिए शुभकामनाएँ व साधुवाद प्रेषित किया।
कार्यक्रम का अध्यक्षीय उद्बोधन डॉ. विद्युत प्रभा चतुर्वेदी ‘मंजू’ द्वारा दिया गया और काव्य संध्या को भावपूर्ण पूर्णता प्रदान किया।
साहित्यिक धन्यवाद संदेश – :
सभी विद्वतजन एवं साहित्यानुरागियों को सादर नमन।आप सभी का हमारे गृह-प्रांगण में सादर पधारना एक उपस्थिति संग काव्यधारा का आगमन था। आपके चरणों से घर की चौखट भी धन्य हुई तथा अंतर्मन की वसुंधरा भी उर्वर हो उठी।
आपके स्नेहल उपस्थिति ने इस कवि सम्मेलन को एक भावयात्रा बना दिया। आपकी रचना और शब्दों की महक अब भी हमारे आँगन में बनी हुई है।
कार्यक्रम का समापन “सर्वे भवन्तु सुखिनः” “जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी” की मंगल भावना के साथ सादर जलपान द्वारा हुआ।
✍️ अध्यक्ष कविता बिष्ट ‘नेह’, देहरादून , उत्तराखंड

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