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तुम फूल मेरे चमन के हो – गुरुदीन वर्मा

 

तुम फूल मेरे चमन के हो, वफ़ा रहूँगा तुमसे सदा।

कोशिश हमेशा करूँगा मैं, महकाये रखूँ तुमको सदा।।

महकाये रखूँ तुमको सदा।

तुम फूल मेरे चमन के हो—————————।।

 

तुमने जो बाँधा है मेरे हाथ में, यह रक्षासूत्र बड़े चाव से।

मैं भी निभाऊंगा तुमसे वादा, तुम्हारी तरहां बड़े चाव से।।

तुम्हारी तरहां बड़े चाव से।

तुम फूल मेरे चमन के हो————————–।।

 

मत भूल जाना मैंने कहा जो, कभी नहीं यह भूलोगे।

इसी तरहां हमेशा तुम, नेक कदम तुम चलोगे।।

नेक कदम तुम चलोगे।

तुम फूल मेरे चमन के हो————————–।।

 

यह करना दुहा तुम दिल से, खुशहाल सभी यहाँ रहे।

मैं भी मांगूगा रब से मिन्नत, आबाद तुम भी सदा रहे।।

आबाद तुम भी सदा रहे।

तुम फूल मेरे चमन के हो—————————–।।

– गुरुदीन वर्मा.आज़ाद

तहसील एवं जिला-बारां (राजस्थान)

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