मनोरंजन
नन्हा खरगोश – डॉ. सत्यवान सौरभ

नन्हा खरगोश आया खेल में,
लाल-लाल कान और प्यारा चेहरा।
घास पर कूदे, मस्ती करे,
दोस्तों संग खुशियाँ बांटे।
गाजर खाए, दौड़े हँसते,
खेल के बाद थक कर सोए।
नन्हा खरगोश प्यारा हमारा,
सबका दोस्त सबसे प्यारा।
आओ मिलकर उसको प्यार दें,
खुशियों से दिल भर दें।
नन्हा खरगोश है सबसे अच्छा,
सबके लिए है सबसे मीठा।
-डॉo सत्यवान सौरभ 333,
परी वाटिका, कौशल्या भवन,
बड़वा (सिवानी) भिवानी,
हरियाणा – 127045




