मनोरंजन

नन्हा झरना – डॉ. सत्यवान सौरभ

झरना बहता धीरे-धीरे,

कहीं चुप, कहीं हँसते सरे।

पत्थरों से टकराकर बोले,

प्यारा गीत मन को खोले।

 

पंछी आते पास बैठते,

ठंडी छाँव में आराम करते।

बच्चे खेलें झरने के संग,

खुशियों से भर जाए हर रंग।

 

आओ मिलकर झरना देखें,

धरती का ये अनमोल गहना।

नन्हा झरना हमारा दोस्त,

सबको करे खुशियों से भरा।

-डॉo सत्यवान सौरभ 333,

परी वाटिका, कौशल्या भवन,

बड़वा (सिवानी) भिवानी,

हरियाणा – 127045

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