पंचायत चुनाव #2025 – पूजा मेहरा

बिगुल चुनावी बज गया , लम्बी लगी कतार,
टिकट जुगाड़ू सक्रिय, वादों की बौछार।
टिकट जिसका कट रहा, मिमियावे चहु ओर,
जिसकी लग रही लॉटरी, वह है आत्मविभोर।
कोई दल को बदल रहा, छोड़ सगा सम्बन्ध,
अब उसमे फिर जायेंगे, तजे थे जिससे बन्ध।
जो पहले अच्छा लगा, उसमे दिख रहे ख़ोंट,
चमचागीरी चरम पर, किसि विधि मिले टिकट।
छोड़ महल अब जायेंगे, जनता बीच महान,
वादों से सुलझाएंगे, जनता के व्यवधान।
कार्यकर्ता मौज में , नित नित नव पकवान,
दारु भी मिल जाएगी, मिटेगी दिन की थकान।
पांच वर्ष के बाद में, दर्शन दिए महान,
फिर इतने अंतराल से, प्रकटेगे महमान।
ठोक पीठ कर जाँच लो, फिर करो वोट की चोट,
फिर पछताए होत क्या, जब चिड़ियाँ चुग गई खेत।
जनहित का है मामला, सोच समझ का खेल,
ठगे ठगे रह जाओगे, निकल जाएगी रेल।
सब्ज बाग़ दिखलायेंगे, भर भर नई उमंग,
जीत बाद दिखलायेंगे , गिरगिट के से रंग
– पूजा मेहरा उत्तराखंड 02 शक्ति महिला महासंघ कौसानी,




