बाल कवि सम्मेलन एवं काव्य पदार्पण हुआ संपन्न

uutkarshexpress,com -शब्दों की पावन भूमि उत्तराखंड से काव्य, कल्पना और संस्कारों की सुगंध लिए ‘राष्ट्रीय कवि संगम’, उत्तराखंड के तत्वावधान में आयोजित “बाल कवि सम्मेलन एवं काव्य पदार्पण” एक अत्यंत सुंदर, गरिमामय और प्रेरक साहित्यिक उत्सव के रूप में संपन्न हुआ।यह आयोजन संस्कार, संवेदना और सृजन की यात्रा रही। जिसमें समस्त साहित्यकारों की गरिमामय उपस्थिति ने प्रतिभागियों का मनोबल बढ़ाया।कार्यक्रम 29 दिसम्बर को केलिस्टा होटल, पटेल नगर, देहरादून में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ कवयित्री महिमा श्री जी के माँ सरस्वती की वंदना के साथ हुआ।कार्यक्रम का विधिवत संचालन कवयित्री कविता बिष्ट ‘नेह’ द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि:आदित्य चौहान (युवा नेता) विशिष्ट अतिथि: डॉ. राम विनय सिंह (वरिष्ठ साहित्यकार ) रहें।
राष्ट्रीय कवि संगम के संरक्षक अम्बर खरबंदा (मशहूर शायर) कार्यकारी अध्यक्ष: उमेश कनौजिया,गढ़वाल अध्यक्ष: अनिल अग्रवाल अध्यक्ष: अशोक विडलास उपाध्यक्ष अजय मोहन सिंह ,क्षेत्रीय महामंत्री: श्रीकांत श्री जी, मंचासीन रहें।
राष्ट्रीय कवि संगम के सलाहकार: जसवीर हलधर ,महिमा श्री जी, मशहूर शायर दर्द गढ़वाली , कविता बिष्ट नेह, मीरा नवेली, सतेंद्र शर्मा ‘तरंग’, डॉ. अभय कुमार , कुमार विजय द्रोणी , नरेंद्र दीक्षित, नीरू गुप्ता, मोहिनी संगीता वर्मानी, डॉ. शैलेंद्र कौशिक ‘शैल’, हरिद्वार से दिव्यांश सिंह ममता स्नेहा,अमन शुक्ला एवं अनेक सम्मानित कवि-साहित्यकारो की गरिमामय उपस्थिति रही।
बाल कवियों ने अपनी एक-से-बढ़कर-एक प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए। उनकी संवेदनशील अभिव्यक्तियों ने श्रोताओं का मन मोह लिया।बाल कवियों द्वारा वरिष्ठ कवियों की रचनाओं का सजीव पाठ विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।डॉ इंदु अग्रवाल जी की दो रचनाओं का वाचन बाल कवि प्रिय पियासा खुटिया प्रिय अंशिका ने बखूबी निभाया।कवयित्री कविता बिष्ट ‘नेह’ द्वारा रचित पंचचामर छंद को बाल कवि प्रिय अर्पित अन्तिवाल ने अत्यंत भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया—
“नमामि भाव स्रोत को नमामि मातु भारती।
निहारते सदैव हैं नमामि साँझ आरती।।
अजेय वीर की कथा नवीन प्रेरणा भरी।
विशाल देश-वेश को रखें सदा हरी-भरी।।“
साहित्य का उज्ज्वल भविष्य नन्हे-नन्हे हृदयों में पलती कविताओं का, स्वप्नों को शब्द देने वाली आवाज़ों का और भावी साहित्यकारों के पहले कदमों का मंच था।बाल कवि एवं युआ कवियों के जोश से यह स्पष्ट रूप से देखा गया कि साहित्य सुरक्षित हाथों में है संवेदनशील हृदयों में है,
और उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर है।
“काव्य पदार्पण” के अंतर्गत चयनित सभी रचनाकारों ने अपने सशक्त काव्य-पाठ से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।वरिष्ठ साहित्यकारों के अनुभव, मार्गदर्शन और स्नेह ने नई पीढ़ी को दिशा प्रदान की।सभी प्रतिभागियों को हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएँ।
यह आयोजन साहित्यिक चेतना, संस्कार और सृजन की दृष्टि से एक अविस्मरणीय एवं प्रेरणास्पद उपलब्धि रहा।
कविता बिष्ट ‘नेह’ राष्ट्रीय कवि संगम (गढ़वाल महामंत्री) कार्यक्रम संयोजक




