उत्तराखण्ड

मुख्य सचिव ने सचिवालय में सेवा का अधिकार के अंतर्गत सेवाओं की समीक्षा की

मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने गुरुवार को सचिवालय में सेवा का अधिकार के अंतर्गत सेवाओं की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने कहा कि अधिक से अधिक नागरिक केंद्रित सेवाओं को सेवा का अधिकार एक्ट के दायरे में लाया जाना चाहिए। उन्होंने आईटीडीए को आरटीएस और नॉन आरटीएस 1053 अधिसूचित सेवाओं को शीघ्र ऑनलाइन किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि विभागों द्वारा निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत सेवाओं को उपलब्ध कराया जाए। निर्धारित समयावधि में उक्त सेवा प्रदान नहीं की जाती है तो सिस्टम द्वारा अपनेआप उच्च स्तरीय अधिकारी तक पहुंच जाए।

मुख्य सचिव ने सेवा का अधिकार के तहत् विभागों द्वारा दी जा रही सेवाओं की जानकारी अनिवार्य रूप से कार्यालयों के आगे पटल पर प्रदर्शित किए जाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा कि प्रथम एवं द्वितीय अपीलीय प्राधिकारी की जानकारी भी प्रदर्शित की जाए।

मुख्य सचिव ने आयुक्त, सेवा का अधिकार आयोग को सेवा का अधिकार के लिए ड्राफ्ट नियम तैयार किए जाने की बात कही, ताकि इसे और प्रभावी रूप से लागू किया जा सके।

इस अवसर पर सचिव श्री नितेश कुमार झा, आयुक्त सेवा का अधिकार आयोग श्री भूपाल सिंह मनराल एवं निदेशक आईटीडीए श्री श्री आलोक पाण्डेय भी उपस्थित थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button