राधा-राधा – सुनील गुप्ता

राधा-राधा
मन बोले राधा,
चलें झूमते, गाते राधा !
प्राण हृदय में बसें हैं राधे…,
भजते चलें, निश दिन राधा !!1!!
राधा-राधा
श्वासों में राधा,
ये तन डोले, बोलें राधा !
सुबह शाम जपते हैं राधे..,
मिटती चलीं हैं, सभी बाधा !!2!!
राधा-राधा
है पावन नाम राधा,
चलें साधते, रटते राधा !
सोते जागते चलें बोलते राधे..,
हर्षाते चले, ये जीवन साधा !!3!!
राधा-राधा
रसमय शब्द राधा,
करें श्रृंगार, केवलम राधा !
जपें योगेशं मन चिंतन राधे..,
श्रीकृष्णरूप में, मिली हैं राधा !!4!!
राधा-राधा
श्रीप्रिया जू राधा,
कदम बढ़ाते, बोलते राधा !
दिन-रात साधे हर प्रहर राधे..,
श्रीराधिका जु कृपा करें, हटाएं बाधा !!5!!
अला अल-फलाह – सुनील गुप्ता
अल-फलाह
रास्ता दिखलाते हैं,
अल-इलाह !!1!!
थे वह कौन
जो पीछे छोड़ गए,
मौत तबाही !!2!!
ख़ुदा बख्श दे
या दे ज़रा सद्बुद्धि,
इन्हें इलाही !!3!!
ईश्वर एक
वो फिर भी न डरें,
सच सत्य ही !!4!!
ये सौदागर
जो मौत हैं बेचते,
बचें सदा ही !!5!!
– सुनील गुप्ता
जयपुर, राजस्थान




