मनोरंजन
वन्दे मातरम् – सुनील गुप्ता

वन्दे मातरम्
है मिट्टी से प्रेम का,
एक आह्वान !!1!!
है स्वाभिमान
हमारे अस्तित्व का,
महान गान !!2!!
माँ चरणों में
कोटि जन-मन का,
वंदे प्रणाम !!3!!
ये गीत नहीं
भारतीय आत्मा का,
है उद्बोधन !!4!!
गूंजाएं चलें
ये गीत आजादी का,
देश का मान !!5!!
– सुनील गुप्ता
जयपुर, राजस्थान |




