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‘विमला ज्ञान साहित्य मंच’ पर काव्य गोष्ठी एवं काव्य संग्रह ‘विमालांजलि’ का हुआ विमोचन

utkarshexpress.com – माता-पिता/ सास-ससुर की स्मृतियों को जीवंत रखने के उद्देश्य से अंजू श्रीवास्तव/ सुधीर श्रीवास्तव द्वारा स्थापित ‘विमला ज्ञान साहित्य मंच’ की आभासी काव्य गोष्ठी एवं यमराज मित्र वरिष्ठ कवि साहित्यकार सुधीर श्रीवास्तव की पांचवीं पुस्तक ‘विमलांजलि’ काव्य संग्रह का विमोचन कार्यक्रम का आयोजन 09 नवंबर ‘2025 को किया गया। गोष्ठी अपराह्न 04 बजे से शाम लगभग 07 बजे तक निरंतर गतिमान रहकर भव्यता के साथ संपन्न हुई।
काव्यगोष्ठी का शुभारंभ वरिष्ठ कवि अवधेश श्रीवास्तव की वाणी वंदना से हुआ। तत्पश्चात मंच संरक्षक डा. सुधीर श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन में मंच के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विमला ज्ञान साहित्य मंच संस्थापिका अंजू श्रीवास्तव ने अपने माता-पिता तुल्य सास ससुर की स्मृतियों को सहेजने के उद्देश्य से किया किया। विमलांजलि संग्रह के बारे में उन्होंने कहा कि यमराज मेरा यार, तीर्थयात्रा, कथा लोक और जिंदगी है कट ही जायेगी के प्रकाशन के बाद यूनीक फील प्रकाशन द्वारा प्रकाशित 304 पृष्ठों वाली इस संग्रह में छोटी बड़ी 217 रचनाएं संग्रहीत हैं। मार्गदर्शक डा. ओम ऋषि भारद्वाज ने अपने संबोधन में आयोजन में शामिल सभी सम्मानित मनीषियों का स्वागत उद्बोधन दिया। संयोजिका डा. निधी बोथरा जैन ने आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि मंच आभासी काव्य गोष्ठी के अलावा विशिष्ट विभूतियों पर लेखन और साझा संकलन के प्रकाशन की दिशा में निरंतर प्रयास कर रहा है।
तत्पश्चात् काव्य पाठ का सिलसिला शुरू हुआ। लगभग 30 कवियों / कवयित्रियों ने अपनी मनमोहक, उल्लासपूर्ण प्रस्तुतियों से काव्य गोष्ठी को ऊंचाइयों तक पहुंचाया।डा. निधी बोथरा जैन एवं यमराज मित्र सुधीर श्रीवास्तव ने कुशल मंच संचालन के द्वारा काव्यगोष्ठी को सफलता प्रदान की।
आयोजन को सफल बनाने में विभिन्न मंचों के पदाधिकारियों, वरिष्ठ कवियों, कवयित्रियों का सराहनीय योगदान रहा। सभी पदाधिकारियों और शुभचिंतकों की सक्रिय, गरिमामय उपस्थिति से आयोजन को सफल बनाने में सफलता प्राप्त हुई।
अंत में संस्थापिका अंजू श्रीवास्तव की ओर से डा. निधी बोधरा जैन ने आयोजन की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए पदाधिकारियों, अतिथियों, साहित्यकारों को बधाइयां दी, जबकि का वरिष्ठ कवि गोविंद कुमार मिश्र ने आयोजन पर अपने विचार प्रस्तुत करते हुए आभार ज्ञापित किया जबक आराधिका साहित्यिक मंच की सलाहकार डा. अनीता बाजपेयी ने प्रसन्नता व्यक्त करते आशीर्वचन के साथ गोष्ठी के विराम की घोषणा की।

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