मनोरंजन
शुभ गणेशोत्सव – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी

भारी मन से दें विदा, लंबोदर को आज।
यह प्रवास था दस दिवस, पुलकित हुआ समाज।।
हाथ जोड़ विनती करें, पुनः पधारें आप।
भूल चूक सब कर क्षमा, हरें सकल संताप।।
जीवन से सबके सदा, विघ्न हरें गणराज।
नित अपना आशीष दें, सकल सँवारें काज।।
जीवन के दुख-दर्द सब, गणपति करिये दूर।
नमन करें करबद्ध हो, श्रद्धा से भरपूर।।
शिक्षक –
शिक्षक की उँगली पकड़ , अर्जित करते ज्ञान।
करें प्रगति सब छात्र जब, गुरु का बढ़ता मान।।
उचित नहीं है एक दिन, बस दें सब सम्मान।
प्रतिदिन प्रतिपल हो नमन, चले नवल अभियान।।
हों कृतज्ञ दिल से सभी, पूछें उनका हाल।
शिक्षकगण आशीष दे, कर दें मालामाल।।
– कर्नल प्रवीण त्रिपाठी, नोएडा, उत्तर प्रदेश




