मनोरंजन
श्रीविका – सुनील गुप्ता

बिटिया की बिटिया
अति प्यारी श्रीविका !
है लक्ष्मी स्वरूपा…,
सुंदर रुप मलिका !!1!!
घर आँगन बगिया
पुष्पों से महकी !
खुशियाँ ही खुशियाँ…,
आनन पे दमकी !!2!!
मुस्काए जब श्रीविका
चहुँओर आनंद बरसे !
विराज भैया का…,
स्नेह प्यार उमड़े !!3!!
देवयश गले लगाए
चलें लोरी सुनाएं !
नैन अमृत छलकाए…,
छवि मन में बसाएं !!4!!
मामा शुभम हाथों में
झूला झूले श्रीविका !
नाना-नानी गोदी में…,
सुख पाए श्रीविका !!5!!
देव-शुभांगी पलकों पे
राज करे बिटिया !
मिली राधा रुप में…,
हमें प्रिय श्रीविका !!6!!
दादा-दादी लाड़ली
श्रीविका सबकी प्यारी !
श्रीजी की दुलारी…,
मोहिनी सूरत न्यारी !!7!!
सुनील गुप्ता
जयपुर,राजस्थान |




