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संस्कारधानी जबलपुर की कवयित्री का राजधानी दिल्ली में सम्मान

utkarshexpress.com नई दिल्ली। दिल्ली स्थित लाल किला प्रांगण में 13–14 सितम्बर को प्रेरणा हिन्दी प्रचारिणी सभा द्वारा भव्य हिन्दी राष्ट्रभाषा गौरव सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य हिन्दी को राजभाषा से राष्ट्रभाषा का दर्जा दिलाने की दिशा में देशव्यापी जागरूकता फैलाना था।
इस ऐतिहासिक अवसर पर देश के विभिन्न प्रदेशों से आए प्रतिष्ठित साहित्यकारों, कवियों, पत्रकारों, मीडिया प्रतिनिधियों और जनप्रतिनिधियों ने हिन्दी को राष्ट्रभाषा का दर्जा दिलाने के संकल्प में अपना समर्थन व्यक्त किया।
सम्मेलन के दौरान प्रेरणा हिन्दी प्रचारिणी सभा के संस्थापक कवि संगम त्रिपाठी ने हिन्दी भाषा के प्रचार-प्रसार और साहित्यिक योगदान के लिए विनीता श्रीवास्तव जबलपुर को प्रेरणा राष्ट्रभाषा गौरव सम्मान 2025 से अलंकृत किया। यह सम्मान विनीता श्रीवास्तव जी के साहित्यिक एवं भाषाई योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर एक विशेष पहचान प्रदान करता है।
सम्मान प्राप्ति पर देशभर से विनीता श्रीवास्तव को बधाइयाँ प्रेषित की गईं। बधाई देने वालों में प्रमुख रूप से प्रदीप मिश्र ‘अजनबी’ (दिल्ली), राजश्री यादव (आगरा), यशोधरा यादव ‘यशो’ (आगरा), डॉ. निधि बोथरा जैन (इस्लामपुर, पश्चिम बंगाल), कवि-सिंगर मास्टर सलीम (नीमच), अनिल राही (ग्वालियर), विजय कुमार कुशवाहा (ग्राम गोसड़ा, समस्तीपुर), डॉ ओम ऋषि भारद्वाज एटा, आचार्य विजय तिवारी ‘किसलय’ (जबलपुर), संतोष नेमा ‘संतोष’ (जबलपुर), श्रीमती महिमा दुबे (खरगोन), महेश प्रसाद साह (छपरा), डॉ. सोमनाथ शुक्ल (प्रयागराज), डॉ. रामनिवास तिवारी (इंडिया), श्रीमती नीतिन शर्मा ‘नीति’ (मुरैना/भोपाल), कृष्णा कान्त कपासिया (बुलंदशहर), डॉ. कृष्ण कुमार द्विवेदी (नागपुर), डॉ. ओम प्रकाश द्विवेदी (देवरिया), डॉ. कालिंदी बृजेश त्रिपाठी (कुशीनगर), डॉ. गीता पांडेय ‘अपराजिता’ (रायबरेली), उमाकांत त्रिपाठी ‘निश्चल’ (रीवा), डॉ. लाल सिंह किरार (अम्बाह, मुरैना), बिनोद कुमार पाण्डेय (सिवान), डॉ. बालकृष्ण महाजन (नागपुर), ईश्वर चन्द्र विद्यावाचस्पति (संत कबीर नगर), वरिष्ठ पत्रकार रामलखन गुप्त (चाकघाट, रीवा), गौरव त्रिपाठी (रीवा), कवि गोपाल जाटव ‘विद्रोही’ (खड़ावदा, मंदसौर), दादा भैरु सुनार (मनासा), कवि पेंटर दिनेश चंद्र जाटव (नीमच), मुनेन्द्र प्रसाद पाण्डेय (रीवा), उद्यमी अजय शुक्ला (नोएडा), सीमा शर्मा ‘मंजरी’ (मेरठ), राजवीर शर्मा वरिष्ठ पत्रकार (अम्बाह, मुरैना), अधिवक्ता बृज बिहारी त्रिपाठी, प्रतिमा पाठक (दिल्ली), कवि मांगीलाल मरमिट श्योपुर, आनंदकृष्णन एडचेरी (केरल), श्रीपाल शर्मा (बागपत), कल्पक कश्यप मेरठ (नोएडा), मुनेन्द्र प्रसाद पाण्डेय रीवा, ज्ञानेन्द्र श्रीवास्तव जबलपुर, डॉ संगीता तिवारी मुंबई सहित अनेकों साहित्य प्रेमी एवं हिन्दी सेवक शामिल रहे।
सम्मेलन ने हिन्दी की वैश्विक पहचान और राष्ट्रभाषा के रूप में उसकी प्रतिष्ठा को मजबूत करने की दिशा में एक सशक्त संदेश दिया।

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