मनोरंजन
हिया के दिया – श्याम कुंवर भारती

तोहरे याद में जाड़ा दिल शीत लहर बड़ा चलल बा अभी।
कठकरेज यार तनी ना खबर हमार मिलल बा अभी ।
सांझ बिहान चलेले जाड़ के बयार ठंडी याद बड़ा आवेले।
गिरे घास बुन ओस हाड़ तक भीतर बड़ा हिलल बा अभी।
निर्मोही आके प्यार के गरम एहसास दे देता हमरे खातिर।
कब अईहे दिलदार इंतजार तबसे आंख खुलल बा अभी।
तोहके देखे खातिर सांस अटकल सीना अब त आ जईता।
मीठ मुस्कान के तोहरे तीर दिल में भीतर धंसल बा अभी ।
होला जब सांझ पहर सगरो दिया जरेला सब गांव में हमरे ।
याद में भारती हिया के दिया धधक बड़ा जरल बा अभी।
-श्याम कुंवर भारती, बोकारो, झारखंड , मो०न० .9955509286



