मनोरंजन
है कृष्ण साधना – सुनील गुप्ता

( 1 ) है
कृष्ण साधना,
प्रकृति पुरुष की…,
श्रीयोगेश्वर भगवान योगेशं की !!
( 2 ) है
श्रृंगार गहना,
रचना चराचर की…,
वंदना प्रार्थना श्रीहरि की !!
( 3 ) है
राधे कान्हा,
भक्ति मीरा की…,
सृष्टि दीवानी श्रीलीलाधर की !!
( 4 ) है
परा अपरा,
श्रीमाधव बिहारी की…,
सबै भूमि श्रीगोपाल की !!
( 5 ) है
जय पराजय,
त्रिकाल शक्ति की…,
करलें भक्ति श्रीसच्चिदानंद की !!
– सुनील गुप्ता (सुनीलानंद), जयपुर, राजस्थान




