देश-विदेश

छोटे-छोटे राज्यों के निर्माण से ही देश की उन्नति संभव– भगत सिंह वर्मा

utkarshexpress.com देवबंद (सहारनपुर) – नई दिल्ली कांस्टीट्यूशन क्लब में लोकनायक जयप्रकाश नारायण जी के स्मृति दिवस के अवसर पर देश-विदेश से आए बुद्धिजीवियों किसान नेताओं अर्थशास्त्रियों पत्रकारों देश के लिए चिंतित लोगों को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन वर्मा व पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने कहा कि छोटे-छोटे राज्यों के निर्माण से ही देश की उन्नति भी संभव है। आज उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है। बड़ा राज्य होने के कारण उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था चौपट हो गई है। उत्तर प्रदेश के 25 करोड लोग भ्रष्टाचार महंगाई बेरोजगारी गरीबी और अवयवस्था की चपेट में है। जिन देशों में छोटे-छोटे राज्य हैं। वहां कानून व्यवस्था बेहतर है। प्रति व्यक्ति वार्षिक आय अधिक है। शिक्षा और चिकित्सा सबको निशुल्क है। राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने महामहिम राष्ट्रपति जी और माननीय प्रधानमंत्री जी को पत्र लिखकर राज्य पुनर्गठन आयोग गठित करके उत्तर प्रदेश को चार भागों में बांटकर पृथक पश्चिम प्रदेश निर्माण करने देश के अन्य राज्यों महाराष्ट्र में विदर्भ राज्य सहित अन्य राज्य बनाने की मांग की। आज देश के छोटे-छोटे राज्य उन्नति और विकास के शिखर पर हैं। और देश को आयकर जीएसटी व सभी प्रकार के कर सबसे अधिक दे रहे हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 26 जिले 6 मंडल और यहां के 8 करोड लोग शिक्षा और चिकित्सा में सबसे पीछे हैं। जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 26 जिले सरकार को सबसे अधिक राजस्व देते हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के वकीलों द्वारा पिछले 45 वर्षों से मेरठ में हाई कोर्ट की बैंच स्थापित करने के लिए लगातार आंदोलन चलाए जा रहे हैं। जबकि यहां आजादी के बाद ही हाई कोर्ट की बेंच स्थापित हो जानी चाहिए थी। यहां के लोगों को न्याय भी बहुत महंगा मिलता है। राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने किसानों मजदूरों व्यापारियों दुकानदारों बुद्धिजीवियों वकीलों पत्रकारों छात्रों एवं युवाओं से कहा कि सभी एकजुट होकर पृथक पश्चिम प्रदेश निर्माण के लिए संघर्ष करें। पृथक पश्चिम प्रदेश निर्माण होने पर यहां शिक्षा और चिकित्सा निशुल्क होगी। और प्रति व्यक्ति वार्षिक आय देश में सबसे अधिक होगी। देश और दुनिया के छोटे राज्य इसके उदाहरण हैं। पृथक पश्चिम प्रदेश निर्माण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। पृथक पश्चिम प्रदेश निर्माण होने पर यहां बड़े-बड़े उद्योग लगेंगे और सभी शिक्षित युवाओं को रोजगार मिलेंगे। यहां पर एम्स आई आई टी एन आई टी आई एम टी रिसर्च सेंटर स्थापित होंगे। पश्चिम प्रदेश गरीबी महंगाई भ्रष्टाचार मिलावट खोरी और बेरोजगारी से मुक्त होगा।
रिपोर्टर – महताब आज़ाद

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