मनोरंजन
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वैवाहिक बंधन के पच्चीस वर्ष – सुधीर श्रीवास्तव,
पावन परिणय को हुए, पूर्ण वर्ष पच्चीस। हम दोनों के मध्य है, तालमेल छत्तीस।। कटे वर्ष पच्चीस हैं, पति उपाधि…
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हम ही आधार हैं – श्याम किशोर
हम कायर नहीं थे… हम सृजनकर्ता थे. जब दुनिया सत्ता और स्वार्थ में उलझी थी, हम चमड़े से जूते गढ़…
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ग़ज़ल – रीता गुलाटी
सुनो देखूँ तुम्हारा चाँद सा चेहरा निगाहों में, जरा तू पास अब आ जा,मुझे ले ले तू बाँहो में। …
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नटखट गुड़िया जैसी रहना – सुधीर श्रीवास्तव
जन्मदिवस दिव्या का आया। निधी बहन का मन हर्षाया।। सब देते हैं खूब बधाई। संग खिलाते केक मिठाई।। नन्ही सी…
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बरगद जैसे पिता हमारे – सुनील गुप्ता
थे “बरगद जैसे पिता हमारे” सदैव हँसते मुस्कुराते रहते थे ! हम पर जाते थे वो वारे-वारे., सभी मनचाही चीजें…
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विदाउट पेपर्स (कहानी) – विवेक रंजन श्रीवास्तव
utkarshexpress.com – लॉस एंजेल्स में उस सुबह की धूप, कार्लोस के छोटे से अपार्टमेंट के फर्श पर एक सुनहरी चौखट…
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ग़ज़ल (हिंदी) – जसवीर सिंह हलधर
नफरतों के रंग की पिचकारियों का दौर है । मज़हबी उन्माद की किलकारियों का दौर है । बोतलों में…
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कितना लगता है प्यारा – अनिरुद्ध कुमार
पल-पल जीवन बीत रहा, सुख-दुख का संगीत रहा। भटक रहा मन कहाँ-कहाँ, हार-जीत मनमीत रहा। लम्हा पथ रोक खेल…
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कंटक-पथ आसान नहीं – मीनू कौशिक
है कंटक-पथ आसान नहीं, लेकिन चलना तो होगा ही । माना आग उगलता सूरज , लेकिन ढलना तो होगा ही…
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संगीत कार्यशाला – डॉ अणिमा श्रीवास्तव
संगीत प्रशिक्षण शिविर में, सब एकत्रित हुए राजगीर। एक से एक प्रतिभा उभरेंगे, बस थोड़ी प्रतीक्षा,थोड़ा धीर। यह संध्या है…
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