मनोरंजन
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विदाउट पेपर्स (कहानी) – विवेक रंजन श्रीवास्तव
utkarshexpress.com – लॉस एंजेल्स में उस सुबह की धूप, कार्लोस के छोटे से अपार्टमेंट के फर्श पर एक सुनहरी चौखट…
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ग़ज़ल (हिंदी) – जसवीर सिंह हलधर
नफरतों के रंग की पिचकारियों का दौर है । मज़हबी उन्माद की किलकारियों का दौर है । बोतलों में…
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कितना लगता है प्यारा – अनिरुद्ध कुमार
पल-पल जीवन बीत रहा, सुख-दुख का संगीत रहा। भटक रहा मन कहाँ-कहाँ, हार-जीत मनमीत रहा। लम्हा पथ रोक खेल…
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कंटक-पथ आसान नहीं – मीनू कौशिक
है कंटक-पथ आसान नहीं, लेकिन चलना तो होगा ही । माना आग उगलता सूरज , लेकिन ढलना तो होगा ही…
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संगीत कार्यशाला – डॉ अणिमा श्रीवास्तव
संगीत प्रशिक्षण शिविर में, सब एकत्रित हुए राजगीर। एक से एक प्रतिभा उभरेंगे, बस थोड़ी प्रतीक्षा,थोड़ा धीर। यह संध्या है…
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हिया के दिया – श्याम कुंवर भारती
तोहरे याद में जाड़ा दिल शीत लहर बड़ा चलल बा अभी। कठकरेज यार तनी ना खबर हमार मिलल बा अभी…
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आओ लिखें हम एक नयी कहानी – हरी राम यादव
आओ लिखें हम एक नयी कहानी, जिसमें न कोई राजा हो न रानी। बस उसमें गांवों की स्वच्छ हवा हो,…
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एक स्त्री – रश्मि मृदुलिका
एक स्त्री जब स्नेह करती है | तब समर्पित हो जाती है| उस कंधे के लिए, जिस पर सिर रख…
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कसक – सविता सिंह
गुढ़ लगती वह इतनी जैसे हो कोई वेद, किस तरह समझे भला उसके नैनो के भेद। बिखरी बिखरी सी लट…
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जब कविता मंचों में सिमट जाए, जन-सरोकार पीछे छूट जाएँ और कवियों का लोकतंत्र तमगों व सर्टिफ़िकेटों में बदल जाए। – डॉ. सत्यवान सौरभ
utkarshexpress.com – कविता समाज की सामूहिक चेतना की आवाज़ होती है। वह समय का दस्तावेज़ भी है और समय से टकराने…
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