मनोरंजन
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बसंत – वैशाली रस्तोगी
प्रकृति की रौनक बढ़ी, आई फागुन बहार की , बसंत पंचमी लगते देखो, हरियाली खिल उठी है । पीली सरसों…
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हो चिरंतन गीत मेरे – अनुराधा पांडेय
आज तुम दो छू अधर से । हो चिरंतन गीत मेरे । आज अति सूना गगन सा, चिर अकेला। रूक्ष। …
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महाशिवरात्रि – बसंत श्रीवास
शिवरात्रि, महाशिवरात्रि, केवल नही ये त्योहार है । चढ़ाके चिलम पी के भांग, न उपासना का आधार है।।1।। शिव के…
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शिवोहम् – सुनील गुप्ता
(1)” शि “, शिवोहम् शिवोहम् हूँ मैं शिवोहम् मुझमें बसता शिव स्वरूपम् ! अभिभूत हूँ मैं चेतनता से….., शिवमय बना…
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पुलवामा के वीर शहीद – डॉ गीता पाण्डेय
पुलवामा की बलि वेदी पर, लिखी शौर्य गाथा अनुपम। वीर अनेक शहीद हुए हैं, जोश था वंदे मातरम। लक्ष्य साधकर…
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वैवाहिक बंधन के पच्चीस वर्ष – सुधीर श्रीवास्तव,
पावन परिणय को हुए, पूर्ण वर्ष पच्चीस। हम दोनों के मध्य है, तालमेल छत्तीस।। कटे वर्ष पच्चीस हैं, पति उपाधि…
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हम ही आधार हैं – श्याम किशोर
हम कायर नहीं थे… हम सृजनकर्ता थे. जब दुनिया सत्ता और स्वार्थ में उलझी थी, हम चमड़े से जूते गढ़…
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ग़ज़ल – रीता गुलाटी
सुनो देखूँ तुम्हारा चाँद सा चेहरा निगाहों में, जरा तू पास अब आ जा,मुझे ले ले तू बाँहो में। …
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नटखट गुड़िया जैसी रहना – सुधीर श्रीवास्तव
जन्मदिवस दिव्या का आया। निधी बहन का मन हर्षाया।। सब देते हैं खूब बधाई। संग खिलाते केक मिठाई।। नन्ही सी…
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बरगद जैसे पिता हमारे – सुनील गुप्ता
थे “बरगद जैसे पिता हमारे” सदैव हँसते मुस्कुराते रहते थे ! हम पर जाते थे वो वारे-वारे., सभी मनचाही चीजें…
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