मनोरंजन
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तुम पास हो, लगता नहीं- प्रतिभा जैन
तुम पास हो मेरे, अब लगता नहीं। रूठे हो, मनाने का दिल नहीं। वो पहली मुलाक़ात जैसी, अब बात नहीं।…
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बँटवारे की आग – डॉ.सत्यवान सौरभ
घर-आँगन की छाँव में, पलते प्रेम-विचार। लोभ लगा जब मन कहीं, टूटे सब परिवार॥ माटी केवल खेत की, नहीं हृदय…
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वनाकाम कर्नाटक इकाई की काव्य गोष्ठी मधु माहेश्वरी की पुस्तक ‘क़लम और कॉलम’ का भव्य विमोचन
utkarshexpress.com बेंगलुरु:: वरिष्ठ नागरिक काव्यमंच, कर्नाटक इकाई की जुलाई माह की मासिक काव्यगोष्ठी एवं पुस्तक विमोचन कार्यक्रम अत्यंत गरिमापूर्ण माहौल में…
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ग़ज़ल – रीता गुलाटी
ढू़ँढ़ता सहरा मे वो शबऩम़ रहा, कीमती माने उसे हरदम रहा। छोड़कर बेटा गया म़ात़म़ रहा, दे ग़या आँखो…
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सनदी – सुनील गुप्ता
( 1 )” स “, सबके हितैषी और भरोसेमंद., होते हैं सनदी लेखाकार !! ( 2 )” न “, नमस्ते…
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धरती का संसार – डॉ. प्रियंका सौरभ
तालाबों की प्यास में, जीवन का विस्तार। बूंद-बूंद में बस रहा, धरती का संसार॥ बोतल वाले बेचते, पानी का…
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आभा, मेरे जीवन का उजाला – डॉ अनमोल कुमार
43 साल पहले जब थामा था तेरा हाथ, तब जाना था आभा, तू है मेरे जीवन का साथ। तेरे नाम…
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मोह बहुत मोहीला – अनिल भारद्वाज एडवोकेट
यह मोह बहुत ही मोहीला होता है, लेकिन उतना ही दर्दीला होता है। जब कभी किसी से मोह टूट जाता…
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वक़्त का स्पर्श – राजलक्ष्मी श्रीवास्तव
वक़्त ही घाव बनकर आया, चुपके से दिल को आज़माया, टूटी साँसों की सरगम में, दर्द का साया गहराया। वक़्त…
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याद तेरी आती है – नीलांजना गुप्ता
अधर रहते मौन लेकिन नज़र कुछ कह जाती है तू चला जाता है लेकिन याद तेरी आती है देखती…
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