मनोरंजन
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जी लो जी भर कर – सविता सिंह
सही बात है सहेजना, क्यों! भला मन को मारना, यूँ खास पल की चाह में, ख़ुशी को क्यों है टालना?…
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भावनाएँ – रश्मि मृदुलिका
प्रेम गीतों की रागिनी हूँ मैं, स्वर लहरियों की वाहिनी हूँ मैं, सरिता सी बहने दो मुझे, ठहरे हुए ,भय…
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आशा भोसले – सुनील गुप्ता
( 1 ) सुर साम्राज्ञी आशा भोसले ताई.., दिलों में बसी !! ( 2 ) आशा के गीत हरेक जुबां…
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पुरानी किताब – रुचि मित्तल
शायद किसी पुरानी किताब के बीच दबा हुआ वो सुर्ख गुलाब है जिसकी पंखुड़ियाँ तो सूख गई हैं पर खुशबू…
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प्रेम-पाती – मीनू कौशिक
कल्पनाओं के आँगन में मेला लगा, भाव, संवेदनाओं का रेला लगा । तेरी यादों के बादल घुमड़ने लगे, भाव-आकाश…
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कविता – नीलांजना गुप्ता
मेरी कविता हर हृदय की मलिका बनकर आएगी। सूखे अधरों पर मधुर मुस्कान बनकर छायेगी। गम के साये में…
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सावन आया – राजलक्ष्मी श्रीवास्तव
सावन आया सावन आया, भीगी भीगी पवन को लाया धरती भीगी पहन हरियाली, फूलों की खुशबू ने बाग महकाया।। सावन…
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भोजपुरी लोक गीत – श्याम कुंवर भारती
बंसिया के धुनवा ये हो कान्हा जबसे सुनवला हो। ये हो कान्हा मुरलिया मोहले मन हमार, पीरितीया के धुनवा बजइए…
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सुबह – विनीति शर्मा
सुबह के इंतजार में सिमटी सी कली थी मैं… रजनी का दुशाला लिए सूरज से मिलने चली थी मैं ……
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ग़ज़ल – रीता गुलाटी
आ लगा ले तू ल़ग़न बढतें हुऐ सपनो के लिये। अब सम्भालेगे इल्म को भी किताबों के लिये। खूबसूरत…
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