मनोरंजन
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कौन सो माटी से रच्यौ तुझको रचनाकार – अनुराधा पाण्डेय
कृश कटि मांसल देह पर, लिपटी वर्तुल सार। ज्यों सैकत शय्या बिछी, क्षीण गङ्ग की धार।। दुग्ध धवल…
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क्षणभंगुर – प्रदीप सहारे
लेकर सपने, सो कर जागे। ऊँचाइयों की उमंग, साथ संग-संग। ईश्वर को करते, बार-बार वंदन। आया है दिन, जाना…
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विमान हादसा अहमदाबाद – श्याम कुंवर भारती
पानी का बुलबुला है जिंदगी आखिर फूट ही जायेगा। सांसों का तार है नाजुक बड़ा आखिर टूट ही जाएगा।…
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गीत – जसवीर सिंह हलधर
सुहाना प्यार का मौसम कभी तो ख़्वाब में आओ । तुम्हारी याद है पुरनम कभी तो ख़्वाब में आओ…
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कैसे जीते यहां – डॉ आशीष मिश्र
इश्क में लोग कैसे हैं जीते यहां, हमने लोगों को मारते देखा यहां। प्यार है या कफन का उठता…
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नौतपा अगर न तपे तो क्या होता ? – सुनील गुप्ता
दो मूसा, दो कातरा, दो तीड़ी, दो ताय । दो की बादी जळ हरै, दो विश्वर दो वाय ।।…
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नींबू पानी – प्रियंका सौरभ
गर्मियों में जब प्यास लगे, नींबू पानी से आस जगे। ठंडी-ठंडी, मीठी-मीठी, स्वाद से भरी अहसास दे। नींबू…
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आरक्षण: एक पुनर्विचार – डॉ सत्यवान सौरभ
वो वेदना जो सदियों से हृदय में जली, न्याय की किरण बनी, आशा की ज्योति खिली। वंचितों की आवाज़,…
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दोहे (संत कबीर) – निहारिका झा
जाति पांति को न मानें ऐसे संत कबीर। निज हित से पहले रखें, दूजे जन की पीर।। 1।। …
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हाँ, अब मुझको इनसे – गुरुदीन आज़ाद
हाँ, अब मुझको, इनसे कोई वास्ता नहीं, काँटों के सिवा मुझको, पथ में मिला ही क्या है, हाँ, अब…
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