मनोरंजन
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हम्मर पिया गेल परदेस में (मैथिली) – प्रकाश राय
हम्मर पिया गेल परदेस में, हमरा लेल दाल-रोटी कमाए। जखन उ परदेस से लौट के एथिन, चुपचाप हमरा दिल में…
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जनभावनाओं को भुनाने का माध्यम बना सिंदूर – डॉ. सुधाकर आशावादी
utkarshexpress.com – एक चुटकी सिंदूर की क़ीमत क्या होती है। इसका मतलब उससे पूछा जाना चाहिए, जिसका दाम्पत्य जीवन उजड़…
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ग़ज़ल – रीता गुलाटी
सजते रहे हैं बिकने को बाजार की तरह, सहते हैं जुल्म भी गुनहगार की तरह। सहते रहे है…
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गद्दारी का साया – प्रियंका सौरभ
मुठ्ठी भर थे वो, फिर भी सदियों राज किया, अपनों की कमज़ोरी से, उन्होंने ये खेल रचा। स्वर्ण…
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जयतु मातु अम्बे – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी
माता को प्रणाम करें चरणों में शीश धरें, उनके आशीष हेतु ध्यान नित किया करें। हृदय को रखें…
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स्यात् प्रासांगिक – अनुराधा पांडेय
दृष्टि ही कुछ लोग की गहरी न थी । भूमिकाएं कथ्य के अनुरूप थी। ला दिया हमनें हवा…
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विजयी बनाइए- सुनील गुप्ता
भारत माता का हरेक बच्चा-बच्चा, नित आगे बढ़ता चले, हाथ में तिरंगा रहे…, चलो, विजयी बनाइए !!1!! जज़्बा…
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अपेक्षा क्यों – श्याम सुंदर
चाह जब जुड़ जाएं परिणाम से अपेक्षा का… होता है आगमन मन की शांति का फिर होता है गमन…
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डॉ कर्नल आदि शंकर मिश्र हिंदी के भक्त हैं – कवि संगम त्रिपाठी
Utkarshexpress.com जबलपुर – डा कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’ लखनऊ हिंदी के प्रचार-प्रसार में अपना अमूल्य योगदान दे रहे…
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जीवन के रंगमंच पर बिगड़े बोल (व्यंग्य) – सुधाकर आशावादी
utkarshexpress.com – जीवन के इस रंगमंच पर अभिनय की अपनी लाचारी, पर्दा उठता पर्दा गिरता, आते हैं सब बारी…
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