मनोरंजन
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दिल लगाने दो – अनिरुद्ध कुमार
लगें नाराज हर कोई जरा चल के मनाने दो, जमाना प्यारका भूखा सभीको दिल लगाने दो। जहाँ में…
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मिज़ाहिया ग़ज़ल – जसवीर सिंह हलधर
चार बीवियां सोलह बच्चे हद कर दी । तन पर नहीं लंगोटी कच्छे हद कर दी । भारी पैर बताती…
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वीर बजरंगी – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी
अंजनी के पुत्र धीर बजरंगी महावीर, ध्यान लगा राम में वे नाम ही जपा करें। आंजनेय भक्त बड़े…
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दीवारें मेहनत की (कहानी) – विवेक रंजन श्रीवास्तव
Utkarshexpress.com – रोज़ सुबह पाँच बजे रीना की आँखें खुल जाती थीं। टूटी झोपड़ी की दरारों से ठंडी हवा…
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अभियान सिन्दूर अधूरा है – इंजी. अरुण कुमार जैन
आतंक गढों को ध्वस्त किया व सैन्य चौकियां मिटवा दीं, मारे सैकड़ों आतंकी, जड़ें समूल उखड़वा दीं। एयर बेस कर…
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कैसे और क्यों व्यंग्यकार बने परसाई – विवेक रंजन श्रीवास्तव
utkarshexpress.com – हरिशंकर परसाई का जन्म आजादी से पहले 1924 में एक ब्राह्मण परिवार में मध्यप्रदेश के ग्रामीण परिवेश में…
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हादसा जब कोई मुकद्दर हो – चारु सक्सेना
utkarshexpress.com – डॉ. फौज़िया नसीम शाद की शायरी में गहरी संवेदनाएँ, जीवन के अनुभव और भावनाओं की सशक्त अभिव्यक्ति मिलती…
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हासिल – ज्योत्सना जोशी
मोह की चिर वेदना का गीत अधरों पर सजाएं अनकही किसी बात पर वो मौन मंद सा मुस्कुराए भाव ठहरा…
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शाम की चाय- भूपेन्द्र राघव
जब अंतस अग्नि सुलगती है, और प्यास प्यार की जगती है, जब लुट जाती दुनियाँ पहले, और खबर बाद …
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देश की पीठ में खंजर – डॉ सत्यवान सौरभ
गद्दारों की बिसात बिछी, देश की मिट्टी रोती है, सीमा के प्रहरी चीख उठे, जब अंदर से चोट होती है।…
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