मनोरंजन
वृक्ष लगाओ धरा बचाओ – मधु शुक्ला

पोषेंगें वृक्षों को हम, तभी धरा पायेगी सुख।
हरियाली निखरेगी जब, लेकर तब आयेगी सुख।
भीषण गर्मी को शीतल, जामा पहनाने का पथ।
दिखलायेंगे हमें विटप, रिश्तों को देंगें वे मथ।
पनपेगा जब अपनापन ,वर्षा पहुंचायेगी सुख ….।
इनसे पाते छाँव पथिक, पंछी पाते इनसे घर।
वर्षा को आमंत्रित कर , जल संकट लेते ये हर।
गह लें ज्ञान अगर हम यह ,सीख यही लायेगी सुख ….।
शुभचिंतक से दूरी रख , निश्चित पछताते हैं जन।
स्वार्थ भाव तज अपनापन, और शांति पाते हैं मन।
यही रीति जीवित हो यदि, वसुधा पा जायेगी सुख….।
— मधु शुक्ला, सतना, मध्यप्रदेश




