बनारस शहरिया – श्याम कुंवर भारती

बनारस शहरिया घुमली
देखली काशी नगरिया
देखा ये बलमा हमार।
मोदी नगरिया बड़ा नाज
देखा ये बलमा हमार।
गंगा के किनरवा नमो घाट नज़रवा
बड़की जहजिया विश्वनाथ दुअरवा
देखा ये बलमा हमार
योगी जी बाड़े सरताज
देखा ये बलमा हमार।
जइहा जब बनारस सिल्क सडिया ले अइहा।
पनवा बनारसी जलेबी कचौड़िया तू खइहा।
देखा ये बलमा हमार
सुनर सजल बा बनारस आज
देखा ये बलमा हमार।
कचौड़ी गली सुग्गा गली हाथी गली घुमिहा।
शहर कोतवाल काल भैरव दर्शन तू करिहा ।
विश्वनाथ शहरिया बजे मंगल साज
देखा ये बलमा हमार।
दश्वाशमेघ घाट आरती गंगा सुहावन लागे।
घाट मणिकर्णिका संस्कार अंतिम जलावन लगे।
मुक्तिधाम में मुक्त करिहें भोला नाथ
देखा ये बलमा हमार।
बीएचयू मालवीय मदन सदन बनवले।
संकट मोचन हनुमान लाल बदन देखवले।
देखिहा बौद्ध स्तूप बुद्ध सारनाथ
देखा ये बलमा हमार।
भारती बलम तनी बनारस घूमी आवा।
नया बनारस शिव चरनिया चूमी आवा।
देखा ये बलमा हमार
मोदी नगरीया बड़ा नाज
देखा ये बलमा हमार।
– श्याम कुंवर भारती ( राजभर)
बोकारो,झारखंड , मॉब.9955509286




