मानस मर्मज्ञ विसर्जन हुए सम्मानित

utkarshexpress.com पिसौद (जांजगीर-चांपा) – भगवान राम के ननिहाल छत्तिसगढ़ में नवधा रस भक्ति का प्रवाह 2 फरवरी से निर्मल गंगा की भांति ग्राम पिसौद जांजगीर-चांपा में हो रही है। जो ज्ञान भगवान राम ने माता सबरी को शिवरीनारायण में दिया था वहीं नवधा भक्ति यहां सुनने, देखने को मिल रहा है । इसके मुख्य आचार्य पंडित विरेंद्र दुबे, वरण आचार्य पंडित प्रद्युम्न चौबे है। अखंड नवधा रामायण समिति के अध्यक्ष दिलहरण साहू ने जानकारी देते हुए कहा कि 1 फरवरी को भव्य कलश यात्रा के साथ 2 फरवरी से श्रीराम कथा निरंतर चलते हुए 11 फरवरी को तीन क्षेत्रों में जिसमें शामिल हैं शास्त्रीय संगीत/भजन, फिल्मी संगीत, छत्तीसगढ़ी (लोक संगीत) प्रतियोगिता रखी गई है जिसमें विजेताओं को अद्वितीय गायन, वादन/प्रवचन करने वाले मानस मंडली को क्रमशः 5101₹ , 3101 ₹ ,2101₹ एवं शिल्ड प्रदान किया जाएगा। इसी श्रृंखला में छत्तीसगढ़ के गांव पिसौद में यह प्रथम अवसर है जब राधा रमण श्रीवास एवं डॉ. राम रतन श्रीवास “राधे राधे” (भारतोदय लेखक संघ नई दिल्ली के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं काव्य रसिक संस्थान के राष्ट्रीय महामंत्री) द्वारा स्वर्गीय माता पिता ( शांति बाई – बिसाहू राम ) की स्मृति में “चक्रवाती सम्राट महापद्म नंद सम्मान” से विसर्जन श्रीवास एवं उमा श्रीवास को उनके द्वारा उत्कृष्ट शास्त्रीय संगीत प्रस्तुति पर यह सम्मान प्रदान किया गया । विसर्जन श्रीवास ने कहा कि यह सम्मान पाकर अभिभूत हूंँ और यह सम्मान श्रीराम के श्री चरण में समर्पित है । अखंड नवधा रामायण समिति पिसौद का आभार व्यक्त करता हूंँ। सचिव रामस्वरूप साहू ने बताया कि उत्कृष्ट प्रस्तुति देने वाले मानस मंडली को समिति के निर्णायक मंडल द्वारा प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए आमंत्रण पत्र प्रदान किया जा रहा है जिसे 11 फरवरी को साथ में मानस मंडली के द्वारा लाना होगा। निर्णायक मंडल द्वारा दिए गए निर्णय सभी को मान्य होगा । अखंड नवधा रामायण समिति के उपाध्यक्ष रामकुमार साहू, टीकम साहू, उप सचिव लक्ष्मण साहू, कोषाध्यक्ष धनीराम साहू, उप कोषाध्यक्ष कुशल साहू , कुशल साहू, ओम साहू, दादूलाल साहू, निलेश्वर साहू , रवि, फिरत, कमल, हिरालाल यादव, किशन बरेठ, इत्यादि के साथ सभी कार्यकर्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। प्रस्तुति देने वाले मानस मंडलीयों श्रोताओं के लिए उत्तम प्रसाद भोजन एवं ठहरने की व्यवस्था समिति द्वारा किया गया है। कथा श्रवण के लिए पूरा गांव से मंडप में लोगों की भक्ति देखकर प्रस्तुति करने वाले मानस मंडली में उत्साह देखते ही बन रहा है ।




