उत्तराखण्ड

सुरेंद्र सैनी की पुस्तक ‘पत्ता पत्ता मौसम का हुआ विमोचन

utkarshexpress.com रुड़की – नवसृजन साहित्यिक संस्था के आठवें स्थापना दिवस पर एक कार्यक्रम सुबोध पुंडीर ‘सरित्’ की अध्यक्षता व पंकज त्यागी के संचालन में आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा के पूर्व निदेशक डॉ आनंद भारद्वाज एवं विशिष्ट अतिथि गण के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार तथा ग़ज़ल कार कृष्ण सुकुमार , संस्था की अध्यक्ष डॉ शालिनी जोशी पंत , डॉ अनिल शर्मा ,वरिष्ठ साहित्यकार श्री गोपाल नारसन जी तथा संस्था के समन्वयक सुरेंद्र कुमार सैनी मंच पर विराजित रहे। अतिथियों का स्वागत पटका पहनाकर किया गया। अतिथियों द्वारा माॅं सरस्वती के चित्र सम्मुख दीप प्रज्वलन कर माॅं शारदे को पुष्पांजलि अर्पित की गई। राजकुमार उपाध्याय द्वारा सरस्वती वंदना उपरांत संस्था कोषाध्यक्ष पंकज त्यागी ‘असीम’ ने संस्था के साहित्यिक व सामाजिक कार्यों का लेखा- जोखा प्रस्तुत किया। नवसृजन साहित्यिक संस्था द्वारा इस वर्ष का ‘सृजन शिल्पी’ सम्मान ग़ज़लकार कृष्ण सुकुमार को प्रदान किया गया।इससे पूर्व पंकज गर्ग ने उनके साहित्यिक योगदान की चर्चा की। संस्था समन्वयक वरिष्ठ साहित्यकार सुरेंद्र कुमार सैनी के मुक्तक संग्रह ‘पत्ता- पत्ता मौसम’ का लोकार्पण अतिथियों द्वारा किया गया। मुक्तक संग्रह ‘पत्ता -पत्ता मौसम’ के बारे में डॉ अनिल शर्मा ने कहा कि यह मुक्तक संग्रह समाज के लिए उपयोगी एवं प्रेरणादायक है।डॉ अनिल शर्मा ने बताया कि कवि सुरेंद्र कुमार सैनी ने इस पुस्तक में भिन्न-भिन्न विषयों पर 400 मुक्तक लिखे हैं । वरिष्ठ साहित्यकार डॉ श्रीगोपाल नारसन एडवोकेट ने अनेक मुक्तकों का उल्लेख करते हुए कहा कि सभी मुक्तक समाज के लिए उपयोगी एवं प्रेरणादायक हैं। मुख्य अतिथि डॉ आनंद भारद्वाज ने साहित्यकार कृष्ण सुकुमार को उनके सम्मान व मुक्तक संग्रह के प्रकाशन के लिए कवि सुरेंद्र कुमार सैनी को शुभकामनाएं दी। वरिष्ठ साहित्यकार सुबोध पुंडीर सरित् ने कहा कि संग्रह में ऐसे अनेक मुक्तक हैं जो भविष्य में साहित्य जगत में अपना उच्च स्थान प्राप्त करेंगे।उन्होंने उनका एक मुक्तक ‘ जिंदगी भर ऐंठ में उछला जो पुतला खाक का/जल चिता में रह गया वो एक तसला राख का ‘सुनाकर भावविभोर किया। कृष्ण सुकुमार व डॉ शालिनी जोशी पंत ने शिल्प की दृष्टि से पुस्तक को उत्कृष्ट एवं उपयोगी बताया।इस अवसर पर हुए कवि सम्मेलन में पंकज गर्ग, श्रीमती अलका घनशाला , डॉअर्चना त्यागी व अनुपमा शर्मा रचनाओ को समर्थन मिला। डॉ आनंद भारद्वाज, कृष्ण सुकुमार, श्री गोपाल नारसन एवं डॉक्टर शालिनी जोशी पंत की रचनाओं ने भी भरपूर वाही- वाही लूटी। मोहित सैनी, सौ सिंह सैनी, गोपाल शर्मा, अनिल अमरोही, नवीन शरण निश्चल,नरेश राजवंशी आदि ने भी अपना कविता पाठ किया सुरेंद्र सैनी ने वसंत ऋतु पर अपनी एक ग़ज़ल भी प्रस्तुत की।कार्यक्रम में रणवीर सिंह रावत,डॉ संजीव कुमार सैनी,शशांक सैनी, मोहित सैनी , यादवेंद्र शरण, राजीव सैनी ,श्रीमती मिथिलेश, निमिता शर्मा, रजनीश त्यागी , राजीव शर्मा,शाहिदा शेख ,प्रदीप सैनी एडवोकेट, दीपिका सैनी, श्रीमती पूजा, यशपाल सिंह, उदयवीर सिंह, देवांश सैनी, प्रियंका सैनी ओम प्रकाश सैनी आदि मौजूद रहे।

रिपोर्टर – महताब आज़ाद

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