आपातकाल लागू कर भारतीय लोकतंत्र को किया कलंकित

utkarshexpress.com पटना। 25 जून 1975 को एक भारतीय तानाशाह ने भारत में आपातकाल लागू कर भारतीय लोकतंत्र को कलंकित कर दिया था। उसे वक्त की तत्कालीन प्रधान मंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने भारत में अनावश्यक रूप से इमरजेंसी लगाकर राजनीति कार्यकर्ताओं,पत्रकारों,समाजसेवियों और राष्ट्रभक्तों को अमानवीय यातना देकर जेल के शिकंजों में बंद कर दिया।
उसे तानाशाह की जुल्मों सितम और अमानवीय यातनाओं का विजय कुमार सिंह एलिस श्याम नाथ सिंह भुक्तभोगी रहे।
दयानंद विद्यालय मीठापुर के मैट्रिक के छात्र की हैसियत से तत्कालीन छात्र नेता श्री सिंह सैकड़ो छात्रों के साथ तानाशाह की तानाशाही का खुलकर विरोध किया। तानाशाह के खिलाफ बगावत का बिल्कुल फूंका और देश को तानाशाही से मुक्त करने के लिए परचम लेकर सड़कों पर निकल पड़े। तत्कालीन कांग्रेस से सरकार ने उन्हें मिसा में गिरफ्तार कर भागलपुर सेंट्रल जेल की काल कोठरी में डाल दिया।
भारतीय संविधान की इस हत्या के विरुद्ध आज संपूर्ण भारत में संविधान हत्या दिवस मनाया जा रहा है। बिहार की राजधानी पटना में भी ज्ञान भवन में भी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा के राष्ट्र पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की उपस्थिति में भाजपा के कुम्हरार विधायक संजय कुमार ने साल और मोमेंटो को देकर जेपी सेनानी सिंह को सम्मानित किया।
इस अवसर पर श्री सिंह ने कहा कि यह सम्मान देश के मान, सम्मान और संविधान को समर्पित है। उन्होंने कहा कि संविधान की हत्या करने वाले राजनीतिक दल को भारत की जनता ने सबक सिखाया है और वे पिछले कई सालों से सड़क पर भटक रहे हैं। रिपोर्ट डॉ अनमोल कुमार




