मनोरंजन
बदल गया इंसान – डॉ अनमोल कुमार

पहले दिल में प्यार था,
अब हर बात में व्यापार है।
पहले रिश्ते निभाते थे,
अब रिश्तों को आजमाते हैं।
पहले हाथ जोड़ते थे,
अब हाथ छुड़ाते हैं।
पहले मिलकर रोते थे,
अब देखकर हँसते हैं।
पहले वक्त नहीं था, फिर भी वक्त था,
अब वक्त है, पर किसी के लिए वक्त नहीं।
कल तक इंसानियत थी,
आज बस इंसान रह गया,
सच तो ये है –
इंसान ही बदल गया।
– डॉ अनमोल कुमार, मोकामा, पटना , बिहार




