मनोरंजन
ग़ज़ल – डाo किरण मिश्रा

मन है बहुत उदास.. कोई बात कीजिये,
हैं आप बहुत खास कोई बात कीजिये।
बादल बरस रहें हैं, मगर घर के लाॅन में,
गुमसुम है अमलतास कोई बात कीजिये।
आयी….,तमाम ख्वाब हवा ले गयी उड़ा,
कोरे लफ्ज़ कैनवास कोई बात कीजिये।
अमृत, शराब,अश्क़,जहर पी चुके सनम,
खाली है अब गिलास कोई बात कीजिये।
सब कर चुके उपाय #किरण मानता नहीं
दिल है कि देवदास..कोई बात कीजिये ।।
– डाo किरण मिश्रा (स्वयंसिद्धा), नोएडा, उत्तर प्रदेश




